Thursday, May 31, 2018

दस्तक अभियान का प्रथम चरण 14 जून से 31 जुलाई तक

दस्तक अभियान का प्रथम चरण 14 जून से 31 जुलाई तक 
बच्चों में कुपोषण, डायरिया, निमोनिया रोकने हेतु ए.एन.एम./एल.एच.व्ही. प्रशिक्षण सम्पन्न 
अनुपपुर | 31-मई-2018
 
    जिले में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा 14 जून से 31 जुलाई 2018 तक दस्तक अभियान चलाया जायेगा। दस्तक अभियान की सफलता हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले की 250 एएनएम/एलएचव्ही का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
    अभियान के अंतर्गत की जानेवाली गतिविधियों के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एस.बी. चौधरी, जिला आई.ई.सी. सलाहकार मो.साजिद खान एवं जिला समन्वयक यूनीसेफ श्री याघवेन्द्र द्वारा जानकारी प्रदान की जा रही है। दस्तक अभियान के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान में आशा, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं एएनएम संयुक्त रूप से घर-घर जा कर 05 वर्ष से कम आयु के बच्चों की जानकारी प्राप्त कर विभिन्न प्रकार की बीमारियों की पहचान एवं उपचार का कार्य करेंगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिये। महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वित कार्ययोजना तैयार कर कुपोषण बच्चों का चिन्हाकन कर उनके उचित इलाज की व्यवस्था करेगा, साथ ही मॉ कार्यक्रम के अंतर्गत स्तनपान के चार संदेशों की भी जानकारी प्रदान की जायेगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसबी चौधरी ने बताया कि दस्तक अभियान के अंतर्गत 05 वर्ष से कम उम्र के गम्भीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान रेफरल एवं प्रबंधन, 06 माह से 05  वर्ष तक के बच्चों में गम्भीर एनीमिया की पहचान कर उनका प्रबंधन, 02 माह से 05 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण पिलाई जायेगी। 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त रोग के नियंत्रण के लिए ओ.आर.एस. की उपयोगिता के लिए सामुदायिक जागरूकता बढाने के लिए आशा एवं ऑगनबाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट कर ओ.आर.एस पहुचाना और उनके बनाने की विधि को प्रदर्शन करना। माता पिता एवं परिजनों को शिशु एवं बाल आहार संबंधी समझाइस देना। एस.एन.सी.यू. एवं एन.आर.सी. में भर्ती बच्चों को छुटटी के पश्चात उनका फालोअप करना। बच्चों में दिखाई देने वाले जन्मजात गतिविधियों की पहचान करना। दस्तक अभियान की सफलता हेतु आई.ई.सी. सलाहकार मो. साजिद खान ने व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु स्थानीय टीबी चैनल पर स्क्रॉल का प्रदर्शन, हॉट बाजारों में माईकिंग, ग्राम स्तर पर दीवार लेखन एवं पंचायत विभाग के सहयोग से ग्राम में रैली एवं डुग-डुगी के माध्यम से जनजागरूकता किया जावेगा। 

विकासखंडों में कौशल एवं रोजगार पंचायत के माध्यम से युवाओं का किया जाएगा मार्गदर्शन

विकासखंडों में कौशल एवं रोजगार पंचायत के माध्यम से युवाओं का किया जाएगा मार्गदर्शन 
 
अनुपपुर | 31-मई-2018
 
    महाप्रबंधक उद्योग श्री उईके ने बताया कि अनूपपुर में कौशल एवं रोजगार पंचायत का आयोजन 19 जून को किया जाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले के युवाओं के अधिक से अधिक नियोजन कराने हेतु विकासखंड स्तर पर कौशल एवं रोजगार पंचायत तथा स्वरोजगार सम्मेलन का आयोजन किया जाना है।अनूपपुर में स्वसहायता भवन बदरा में 8 जून, जैतहरी में स्वसहायता भवन में 9 जून, स्वसहायता भवन कोतमा में 11 जून, स्वसहायता भवन पुष्पराजगढ़ में 12 जून को विकासखंड स्तरीय कौशल एवं रोजगार पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों में युवाओं के अधिक से अधिक नियोजन हेतु उद्योग विभाग, हथकरघा, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, जन अभियान परिषद, शहरी विकास अभिकरण, आजीविका, नगरपालिका, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अंत्यव्य्वसायी आदि विभाग के अधिकारियों द्वारा युवाओं  को प्रेरित एवं मार्गदर्शित किया जावेगा।

विश्व तम्बाखू निषेध दिवस पर कार्यशाला सम्पन्न

विश्व तम्बाखू निषेध दिवस पर कार्यशाला सम्पन्न 
रैली निकाल कर किया जागरूक 
अनुपपुर | 31-मई-2018


    आज डी.पी.एम.यू. सभाकक्ष अनूपपुर में तम्बाखू निषेध दिवस पर कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया। तम्बाखू निषेध दिवस पर आयोजित कार्यशाला में सर्वप्रथम गांधी जी की फोटो पर दीप प्रजवल्लन एवं माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में मो. साजिद खान जिला आई.ई.सी. सलाहकार द्वारा अपने संस्मरणों के माध्यम से बताया गया कि तम्बाखू का सेवन मानव जीवन के लिये नुकसानदेय हैं। समाज में ऐसे व्यक्तियों को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता हैं। जन जागरूकता के माध्यम से तम्बाखू से होने वाले नुकसानों को बता कर नवयुवक पीढ़ी को इसके सेवन से रोकना होगा। कुष्ठ सलाहकार डॉ. शिवेन्द्र द्विवेदी ने बताया की तम्बाखू के सेवन से कैंसर जैसी लाईलाज बीमारी होती हैं। बीड़ी, सिगरेट के सेवन से फेफडें नष्ट होते हैं। हम सबको मिलकर तम्बाखू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारें में लोगों को जागरूक बनाना चाहियें। तम्बाखू सेवन की लत, आदत घर से शुरू होती है घर का नादान बच्चा जब अपने वरिष्टजनों को नशा करते देखता है तो वह भी नकल करके नशा करना शुरू कर देता हैं। हमें इस भावी पीढ़ी को तम्बाखू के सेवन से बचाना है। लाइन्स क्लब के ब्रजेन्द्र सोनी ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुये कहा कि अशिक्षा, नासमझी, दूसरों की नकल आदि ऐसे कारण है जिससे युवा पीढ़ी तम्बाखू के सेवन के लिये प्रेरित होती हैं। हमे यह संकल्प करना है कि हम न तो व्यसन करेगें न समाज में किसी को करने देंगें तभी तम्बाखू निषेध दिवस की सार्थकता पूरी होगी। तम्बाखू के सेवन पर प्रतिबंध ही एक अच्छा विकल्प होगा जिससे हमारी भावी पीढ़ी इससे बच सकेगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एस.बी.चौधरी ने अपने वक्तव्य में बताया की भारत वर्ष पूरे विश्व में सबसे ज्यादा तम्बाखू सेवन करने वाला देश हैं। यहां  30 प्रतिशत लोग इसका सेवन करते हैं। जो हमारे समाज एवं स्वास्थ्य विभाग के लिये चिंता का विषय हैं। तम्बाखू छोड़ने के लिये दृण इच्छा शक्ति का होना अति आवश्यक हैं। तम्बाखू का सेवन कैसंर के कई रूपों को जन्म देता हैं। जिसमें मुख का कैंसर, फेफडें व लीवर का कैंसर प्रमुख हैं।
    कार्यशाला के पूर्व ए.एन.एम.टी.सी. छात्राओं के सहयोग से विभाग द्वारा जनजागरूकता हेतु रैली का आयोजन किया गया। तम्बाकू छोडने के संबंध में शपथ दिलाई गई तथा कोटपा एक्ट के संबंध में जानकारी दी गई। 

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