Thursday, May 3, 2018

समय-सीमा पर सेवा प्रदान न करने पर कलेक्टर श्री शर्मा ने शास्ति अधिरोपित की

समय-सीमा पर सेवा प्रदान न करने पर कलेक्टर श्री शर्मा ने शास्ति अधिरोपित की 
अनूपपुर 03 मई 2018/

कलेक्टर श्री अजय शर्मा ने लोक सेवा गारण्टी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय नहीं करने पर तहसील अनूपपुर श्री ईश्वर प्रधान को एवं राजस्व निरीक्षक श्री डी.पी. दहाईत पर 25-25 सौ रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। कलेक्टर श्री शर्मा ने अर्थदण्ड की राशि एवं अन्य प्रशासनिक सेवाएं, तीन दिवस के भीतर जमा की जाकर चालान की एक प्रति जिला लोक सेवा प्रबंधन, कलेक्ट्रेट अनूपपुर में भेजने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री निवास पर हुई बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान

प्रधानमंत्री निवास पर हुई बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री ने यू.ए.ई के प्रतिनिधि-मंडल से की व्यापार संभावनाओं पर चर्चा 

अनूपपुर 2 मई 2018 / 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात का प्रतिनिधि-मंडल भी मौजूद था। बैठक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में बुलाई गयी थी, जिसमें मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्रियों को चर्चा के लिए बुलाया गया था। बैठक में यू.ए.ई. के साथ इन राज्यों में व्यापार की संभावनाओं पर विचार किया गया। 
बैठक में मध्यप्रदेश द्वारा प्रजेन्‍टेशन के माध्यम से प्रदेश में उद्योग, कृषि और व्यापार की अपार संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही निर्यात की संभावनाओं को भी तलाशा गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों से कृषि उत्पादन दर 20 प्रतिशत से अधिक रही है। शरबती गेहूँ, दालों और मसालों का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। उद्यानिकी के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने कीर्तिमान स्थापित किये हैं। श्री चौहान ने कहा कि यू.ए.ई. से हमारे देश के बेहतर संबंध रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में इस बैठक से नई कड़ी जुड़ेगी।
मध्यप्रदेश में कृषि निर्यात प्रमोशन एजेंसी
श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि निर्यात प्रमोशन एजेंसी बनाई है, जो प्रदेश के उत्पादों का अन्य देशों में निर्यात करने की संभावनाएँ तलाशेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने एक टास्क फोर्स गठित की है, जिसमें राज्य सरकार और यू.ए.ई. के पाँच-पाँच सदस्य होंगे। यह फोर्स प्रदेश भर में कार्यशालाएँ आयोजित करेगा और निर्यात किये जाने वाले उत्पादों की संभावनाओं को तलाशेगा। इसके साथ ही यू.ए.ई. से एक कांट्रेक्ट फार्मिंग करारनामा किया गया है, जिसके तहत किसान अपने उत्पाद को मण्डी के बाहर भी सीधा विदेशों में निर्यात कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इंदौर के पास विशेष निर्यात जोन (एस.ई.जेड) खोलने का प्रस्ताव दिया है। जोन में विभिन्न प्रकार के करों में छूट दी जायेगी। राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्र-संस्करण की नीति बनाकर केबिनेट से पारित करवाई गई है। नीति के जरिये किसान खाद्य प्र-संस्करण यूनिट खोल सकेंगे, अपने उत्पादों को निर्यात कर सकेंगे और मुनाफा कमा सकेंगे। 
28 मई से 9 जून तक प्रदेश में किसान कार्यशालाएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आगामी 28 मई से 9 जून तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों में किसानों की कार्यशाला आयोजित की जायेगी। कार्यशालाओं में किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी जायेगी, ताकि वे योजनाओं का भरपूर फायदा प्राप्त कर सकें।  

मध्यप्रदेश में खनिजों से 4200 करोड़ रूपये से अधिक की आय

मध्यप्रदेश में खनिजों से 4200 करोड़ रूपये से अधिक की आय

नयी रेत खनन नीति-2017 लागू                  

अनूपपुर 2 मई 2018/

प्रदेश में वर्ष 2017-18 में 4 हजार 281 करोड़ रूपये की खनिज राजस्व आय प्राप्त हुई है। पिछले 14 वर्षो में राजस्व आय में 400 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2017-18 में कोयला खनिज से 2041 करोड़ रूपये, चूना पत्थर से 363 करोड़, तांबा से 39 करोड़, बाक्साइट से 12 करोड़, मैंगनीज से 31 करोड़, आयरन से 17 करोड़ और अन्य खनिजों से 105 करोड़ रूपये की आय प्राप्त   हुई है।

मध्यप्रदेश देश के आठ खनिज सम्पन्न राज्यों में से एक है। राज्य के विपुल खनिज भण्डार प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की प्रमुख कड़ी है। खनिज राजस्व का प्रदेश की राजकोषीय आय में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हीरा उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्र में एकाधिकार होने के साथ ताम्र अयस्क, मैंगनीज के उत्पादन में देश में पहला स्थान है। रॉक फास्फेट और चूना पत्थर के उत्पादन में दूसरा और कोयले के उत्पादन में प्रदेश का देश में चौथा स्थान है।
ई-खनिज पोर्टल
प्रदेश में डिजिटल इण्डिया के तहत खनिज विभाग ने खदान ऑक्शन, परिवहन, भण्डारण आदि के क्षेत्र में अनेक नवाचार किये हैं। अब सभी 51 जिलों में ई-खनिज पोर्टल से खनिजों के परिवहन के लिये ऑनलाईन ई-टीपी सेवा सफलता से लागू है। इस व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। व्यवस्था के लागू होने से केन्द्र सरकार की केशलेस ट्रांजेक्शन की मंशा भी पूरी हुई है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये खनिज परिवहन वाहनों के ई-रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। साथ ही, ऑनलाइन व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम से खनिजों की अवैध क्रियाओं को रोकने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश की सभी खनिज खदानों की जियो फेंसिंग के साथ ही खनिज विभाग की समस्त कार्य-प्रणालियों को जल्द ही ऑनलाइन किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश देश के आठ खनिज सम्पन्न राज्यों में से एक है। राज्य के विपुल खनिज भण्डार प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की प्रमुख कड़ी है। खनिज राजस्व का प्रदेश की राजकोषीय आय में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हीरा उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्र में एकाधिकार होने के साथ ताम्र अयस्क, मैंगनीज के उत्पादन में देश में पहला स्थान है। रॉक फास्फेट और चूना पत्थर के उत्पादन में दूसरा और कोयले के उत्पादन में प्रदेश का देश में चौथा स्थान है।
रेत खनन नीति

प्रदेश में जन-सामान्य को रेत खनिज की आपूर्ति तर्क संगत मूल्यों पर करवाने के उद्देश्य से रेत खनन नीति 2017 लागू की गई है। नीति में रेत खदानों के संचालन के अधिकार ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को दिये गये है। अब प्रदेश में रेत खदानों का ठेका दिया जाना प्रतिबन्धित किया गया है। रेत खदानों के संचालन के पूर्व माईनिंग प्लान और पर्यावरण स्वीकृति की औपचारिकताओं को पूर्ण करने का दायित्व संबंधित जिले के कलेक्टर का होगा। नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि रेत खदानों से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत हिस्सा पंचायत अथवा नगरीय निकाय को प्राप्त होगा। शेष 50 प्रतिशत राशि पर्यावरण और नदी संरक्षण पर खर्च की जायेगी।

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