Friday, April 6, 2018

सेवानिवृत्त नगरीय निकाय कर्मियों को 15 करोड़ से अधिक पेंशन का वितरण

सेवानिवृत्त नगरीय निकाय कर्मियों को 15 करोड़ से अधिक पेंशन का वितरण 
 
अनुपपुर | 06-अप्रैल-2018
 
   
    नगरीय निकायों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। वर्तमान में साढ़े 14 हजार से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रति माह साढ़े 15 करोड़ रूपये पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है। पेंशन का भुगतान समय सीमा में और पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन किया जाता है।  
    प्रदेश में वर्ष 2017-18 में 1344 पेंशन प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। इन कर्मचारियों को 39 करोड़ 57 लाख रूपये की क्लेम राशि का भुगतान किया गया है। विभाग द्वारा अभी तक नियमित पेंशन भुगतान पर 194 करोड़ 48 लाख रूपये की राशि का व्यय किया गया है। नगर निगम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में भी पेंशन योजना का संचालन अपने स्तर पर किया जा रहा है।

प्रदेश में मत्स्योद्योग विकास के कार्य करेगा राष्ट्रीय बोर्ड

प्रदेश में मत्स्योद्योग विकास के कार्य करेगा राष्ट्रीय बोर्ड 
 
अनुपपुर | 06-अप्रैल-2018
 
   
    नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड, हैदराबाद जल्दी ही इंदिरा सागर जलाश्य में सौ फिश केजों की स्थापना, एक करोड़ स्पान उत्पादन क्षमता वाली हैचरी का विकास, तीन हेक्टेयर जल संवर्धन क्षेत्र का विकास, पाँच-छ: टन प्रति-दिन उत्पादन क्षमता वाले फीड़मिल की स्थापना और चालीस टन क्षमता के परिवहन वाहन आदि की व्यवस्था करेगा।
    इन सभी कार्यों पर होने वाला खर्च बोर्ड वहन करेगा। इस विशेष परियोजना से प्रदेश में मत्स्य उद्योग को विशेष गति मिलेगी। यह बोर्ड प्रदेश में प्रचलित प्रावधानों के अंतर्गत काम करेगा। 

राज्य संग्रहालय बना जन-आकर्षण का केन्द्र

राज्य संग्रहालय बना जन-आकर्षण का केन्द्र 
अन्य राज्यों से भी आ रहे हैं अध्ययन दल 
अनुपपुर | 06-अप्रैल-2018
 
   
   पुरातत्व विभाग का राज्य संग्रहालय जन-आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इस संग्रहालय में वीथिकाओं में प्रदर्शित पुराव-शेष, पुरातात्विक महत्व की वस्तुएँ और प्राचीन दुर्लभ प्रतिमाओं के अवलोकन के लिए अन्य राज्यों के विद्यार्थी दल और अधिकारी निरंतर आ रहे हैं। विद्यार्थियों के दल और दिल्ली से आए अधिकारियों ने गुरुवार को संग्रहालय में पुरातात्वीय और ऐतिहासिक सामग्रियों का अवलोकन किया।
   डॉ. निधि सिंह के नेतृत्व में असम राज्य के असम बैली स्कूल शोभितपुर से आये 34 विद्यार्थियों के दल ने संग्रहालय की उत्खनित वीथिकओं में पुरावशेषों की जानकारी ली। इस दल के विद्यार्थियों ने जाना कि भारत के प्राचीन-काल में व्यापार और आचार-विचारों का आदान-प्रदान की प्रक्रिया जानी। अहमदाबाद (गुजरात) की यूनाइटेड वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायनिंग संस्था के 24 सदस्यों के दल ने भी संग्रहालय में प्रदर्शित कला अवशिष्टों को अपने नजरिए से परखा और स्केच भी बनाए। इस दल का नेतृत्व प्रो. विजय पुनिया ने किया।
   नई दिल्ली से आए डॉ. अनिल घेई राज्य संग्रहालय में प्रदर्शित ग्वालियर राज्य के अभिलेख, मुद्राओं, मुद्रांक लघु चित्र प्रतिमाओं  के साथ ग्वालियर राज्य के इतिहास से अवगत हुए। इसी दौरान पर्यटन विभाग दिल्ली से  आए श्री राज सिंह ने भी संग्रहालय का अवलोकन किया।
   विद्यार्थियों के दल की सदस्य सुश्री स्वप्निल गुप्ता, प्रियंका ठक्कर, श्रेया और सुवर्णा सक्सेना ने मौके पर ही संग्रहालय  की प्रतिमाओं की डिजाइन के स्केच तैयार किये। इन छात्राओं ने बताया कि मध्यप्रदेश की राजधानी में राज्य संग्रहालय में प्रदर्शित देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ और प्राचीन परम्पराओं से सम्बन्धित ऐतिहासिक जानकारी अद्वितीय है। खासतौर संग्रहालय के अधिकारी श्री बी.के. लोखण्डे द्वारा इतिहास संबंधी जानकारी का प्रस्तुतिकरण लाजवाब रहा है। छात्राओं का कहना था कि उनका दल ऐसे अद्वितीय संग्रहालय में बार-बार आना चाहेगा।

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