Friday, March 30, 2018

आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षण एवं नियोजन कार्यक्रम का समापन, दूरस्थ अंचलों की युवतियों को रोजगार दिलाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि - कलेक्टर

23 युवतियों को मिला रोजगार 
आजीविका मिशन अंतर्गत प्रशिक्षण एवं नियोजन कार्यक्रम का समापन, दूरस्थ अंचलों की युवतियों को रोजगार दिलाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि - कलेक्टर 
अनुपपुर | 30-मार्च-2018
 
   
   जिले के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य विकासखंड के ग्रामों की युवतियां 39 दिन के प्रशिक्षण के उपरांत बंगलूरू के शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में रोजगार प्राप्त कर रही हैं, यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आदिवासी बाहुल्य ग्रामों की आदिवासी परिवारों की ये युवतियां जिनका बाहर की दुनिया से कम ही वास्ता रहा है, आज आजीविका मिशन और आईएल एंड एफएस के संयुक्त प्रयासों से बंगलूरू जैसे शहर में औद्योगिक सिलाई मशीन आपरेटर के रूप में कार्य करेंगी, यह शासन की रोजागारोन्मुखी प्रशिक्षण नीति के सकारात्मक परिणाम हैं। प्रशिक्षण उपरांत प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर, न सिर्फ ये सभी आर्थिक रूप से सक्षम होंगी बल्कि बाहर की दुनिया से संपर्क में आने से इनके रहन सहन एवं सामाजिक जीवन के अन्य पहलुओं पर भी सकारात्मक बदलाव आयेगा। की।
   उक्त उद्गार जिले के कलेक्टर श्री अजय शर्मा द्वारा म.प्र.डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रायोजित औद्योगिक सिलाई मशीन आपरेटर के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन कार्यक्रम में व्यक्त किये गये। इस अवसर प्रशिक्षण केंद्र पर उपस्थित युवतियों के अभिभावकों से भी कलेक्टर महोदय ने चर्चा की एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान
   जिला परियोजना प्रबंधक, म.प्र. दीन दयाल अन्त्योदय योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, श्री शशांक प्रताप सिंह ने बताया कि आजीविका मिशन द्वारा प्रशिक्षण एवं नियोजन कार्यक्रम अंतर्गत औद्योगिक सिलाई मशीन आपरेटर विषय पर आईएल एंड एफएस संस्था को अनुबंधित किया गया है, जो बेरोजगार युवक युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान  कर रोजगार उपलब्ध करायेगी, प्रतिभागियों  के लिए यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है तथा प्रशिक्षण पर होने वाले समस्त व्यय का वहन आजीविका मिशन द्वारा किया जा रहा है।
   आईएल एंड एफएस के जिला समन्वयक श्री विमलेश दुबे ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण 21 फरवरी 2018 को प्रारंभ किया गया था, जो कि पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय था, प्रशिक्षण प्राप्त समस्त 23 युवतियों को बंगलूरू में शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में औद्योगिक सिलाई मशीन आपरेटर के रूप में कार्य करने हेतु आफर लेटर प्राप्त हो चुका है और समस्त युवतियां 31 मार्च 2018 को कार्य पर उपस्थिति हेतु रवाना होंगी।
   उक्त समस्त कार्यक्रम का संचालन समन्वयक आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक कौशल श्री दशरथ प्रसाद झारिया द्वारा किया गया।

प्रदेश की सड़कों की मरम्मत के लिए सीआरएफ के तहत 2000 करोड़ की माँग स्वीकृत

प्रदेश की सड़कों की मरम्मत के लिए सीआरएफ के तहत 2000 करोड़ की माँग स्वीकृत 
मुख्यमंत्री श्री चौहान की केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री गडकरी से मुलाकात 
अनुपपुर | 30-मार्च-2018
 
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस नई दिल्ली में केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री की माँग पर श्री गडकरी ने प्रदेश की टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए सी आर एफ के अंतर्गत 2000 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। इसके पहले श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को प्रदेश की बाईपास सड़कों की खराब स्थिति से अवगत कराया।
   श्री चौहान ने प्रदेश की 767 किलोमीटर लम्बाई की 13 सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की भी मांग की। उन्होंने इन सड़कों को अगले वर्ष की वार्षिक कार्य-योजना में शामिल करने का आग्रह भी किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर मौजूद थे।

सरकारी स्कूलों में प्रेरक उद्धरण लिखवाये जायें

सरकारी स्कूलों में प्रेरक उद्धरण लिखवाये जायें 
आयुक्त लोक शिक्षण ने शिक्षाधिकारियों को दिये निर्देश 
अनुपपुर | 30-मार्च-2018
 
    आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे ने जिला शिक्षाधिकारियों को सरकारी स्कूलों की दीवारों पर प्रेरक उद्धरण लिखवाने के निर्देश दिये हैं। श्री दुबे ने शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि पढ़ाई के दबाव में विद्यार्थी अवसादग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों द्वारा भी विद्यार्थियों को समय-समय पर अवसादग्रस्त होने से बचाने के प्रयास किये जाते हैं।
    आयुक्त श्री दुबे ने कहा कि सरकारी स्कूलों में जगह-जगह  विद्यार्थियों को प्रेरक प्रसंग और उद्धरण लिखे हुए दिखेंगे, तो वे निश्चित ही इससे प्रेरित होंगे। श्री दुबे ने कहा है कि स्कूल की कक्षा में फ्लैक्स पर भी प्रेरक उद्धरण लिखवाये जा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से उम्मीद की है कि विद्यार्थियों को प्रेरक उद्धरणों के साथ-साथ ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बारे में भी जरूर बतायें, जो पढ़ाई में तो बहुत अच्छे नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता पाई है। आयुक्त श्री दुबे ने अपने पत्र में उदाहरण के तौर पर धीरूभाई अम्बानी, सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार, बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स जैसे व्यक्तियों के बारे में शिक्षकों को जानकारी दी है।
   ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष 2 अप्रैल से शिक्षण सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।

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