Saturday, August 18, 2018

किसानों की सुविधा के लिए एमपी किसान एप

किसानों की सुविधा के लिए एमपी किसान एप 

अनुपपुर | 18-अगस्त-2018
 
    किसानों की सुविधा के लिए एमपी किसान एप शुरू किया गया है। इस मोबाईल एप से किसान अपनी भूमि की जानकारी, खसरा, खतौनी एवं नक्शे की प्रतिलिपि प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही बोई गई फसलों की स्वघोषणा, शासन द्वारा समय-समय पर जारी सलाह आदि तथा आधार नम्बर द्वारा खाता नम्बर भी लिंक कर सकते हैं। इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण एप्प के माध्यम से दे आवश्यक फीडबैक

स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण एप्प के माध्यम से दे आवश्यक फीडबैक 
अनूपपुर को स्वच्छता के शिखर में ले जाने के लिए दें आवश्यक सुझाव एवं निभाएं अपनी जिम्मेदारी 
अनुपपुर | 18-अगस्त-2018
 
   किसी समस्या के निवारण के लिए परिस्थियों में सुधार के लिए वास्तविकता की जानकारी एवं सुझाव आवश्यक हैं। अनूपपुर को स्वच्छता की राह में आगे ले जाकर शिखर तक पहुँचाने के लिए आवश्यक है कि सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारियॉ निभाऍ। सुझाव दें, वस्तुस्थिति से अवगत कराऍ एवं स्थितियों के सुधार में अपनी जरूरी भागीदारी को निभाऍ। इस एप्प को डानउलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर में जाकर ssg  2018 खोजे। एप्प को इंस्टाल कर सुविधानुसार भाषा का चयन करें। इसके पश्चात् प्रदेश (मध्यप्रदेश) एवं जिले (अनूपपुर) का चयन करें। उपरोक्त चयन के पश्चात् पूछे गए प्रश्नों का जवाब देकर अनूपपुर की स्वच्छ बनाने में सहयोग करें।

विशेष लोक अदालतों में निपटाये जायेंगे श्रमिकों, कर्मकारों के न्यायालयीन विद्युत प्रकरण

विशेष लोक अदालतों में निपटाये जायेंगे श्रमिकों, कर्मकारों के न्यायालयीन विद्युत प्रकरण 
 
अनुपपुर | 18-अगस्त-2018
 
   राज्य शासन ने संबल योजना और म.प्र. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल पोर्टल पर पंजीकृत कर्मकारों के विरुद्ध जून 2018 तक दर्ज घरेलू बिजली संबंधी न्यायालयीन प्रकरणों में अभियोजन वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य शासन के अनुरोध पर म.प्र. उच्च न्यायालय ने इन प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष लोक अदालतों के आयोजन की अनुमति दे दी है।
   प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों और कर्मकारों के विरुद्ध विशेष न्यायालयों में वर्तमान में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 और 138 के लगभग 20 हजार प्रकरण प्रचलन में है। उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद अब इन प्रकरणों के निराकरण के लिये शीघ्र ही विशेष लोक अदालतें लगायी जायेंगी।
   उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पंजीकृत श्रमिकों और कर्मकारों के जून 2018 तक के घरेलू संयोजन पर बिजली बिल की समस्त बकाया राशि माफ कर दी गई है। यह कार्यवाही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 में की गई है। इसके अतिरिक्त, इन हितग्राहियों को जुलाई 2018 के बिल से घरेलू संयोजन पर अधिकतम 200 रुपये प्रति माह के बिजली बिल की सुविधा दी गई है। इस सुविधा के अन्तर्गत हितग्राहियों के बिजली बिल की शेष राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जा रही है।  

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