Thursday, August 2, 2018

आज से नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ प्रदेश-स्वस्थ प्रदेश अभियान प्रारंभ

आज से नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ प्रदेश-स्वस्थ प्रदेश अभियान प्रारंभ 
सर्वश्रेष्ठ नगर को पुरस्कृत करेंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान 
अनुपपुर | 02-अगस्त-2018
  
    प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 2 अगस्त से 15 सितम्बर, 2018 तक स्वच्छ प्रदेश-स्वस्थ प्रदेश अभियान संचालित किया जायेगा। अभियान के दौरान सभी नगर में स्वच्छता के सभी घटकों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि अभियान के दौरान एक सितम्बर से 15 सितम्बर, 2018 के बीच क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति का थर्ड पार्टी परीक्षण भी करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद को पृथक से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा।
    श्रीमती माया सिंह ने बताया कि समस्त नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद को जारी निर्देशों के अनुसार अभियान का उद्देश्य नगर के प्रत्येक वार्ड एवं बस्ती तक स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करना, प्रत्येक गली-मोहल्ले तक शत-प्रतिशत घरों से कचरा इकट्ठा करने की प्रक्रिया का प्रभावी क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण करना, खुले में शौच की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिये उन स्थानों पर विशेष अभियान चलाना, व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता बनाये रखने के लिये जागरूकता पैदा करना, प्रत्येक कार्यालय, स्कूल, बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में शौचालयों की मानदण्डों के अनुसार सफाई सुनिश्चित कराना, प्रत्येक कार्यालय एवं अन्य अशासकीय संस्थानों में कचरा संग्रहण की स्थायी व्यवस्था का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, नगर में शत-प्रतिशत गीला एवं सूखा कचरा एकत्र करने की प्रक्रिया का क्रियान्वयन कराना, उत्सर्जित गीले कचरे की कम्पोस्टिंग और सूखे कचरे को रि-सायकिल के लिये भेजना, अभियान से नागरिकों को सीधे जोड़ना तथा स्टार रेटिंग के लिये समान्तर रूप से दस्तावेजीकरण करना है।
    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने जानकारी दी कि स्वच्छ प्रदेश स्वस्थ प्रदेश अभियान 2 अगस्त से 15 सितम्बर, 2018 तक सभी नगरों में निरंतर रूप से हर दिन संचालित किया जायेगा, जिसमें पृथक से दल निर्मित कर वार्डवार गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी। प्रत्येक वार्ड का नोडल अधिकारी/कर्मचारी नियुक्त किया जायेगा, जिसके नेतृत्व में स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी। महापौर और अध्यक्ष नगर स्तर पर अभियान का नेतृत्व करेंगे और वार्डों में पार्षद एवं स्थानीय नागरिक अभियान में शामिल होंगे। अभियान प्रत्येक दिन 3 चरण में संचालित किया जायेगा। प्रथम चरण में प्रातरूकालीन गतिविधियों में वार्ड स्तर पर श्रममूलक कार्य कराये जायेंगे, जिसमें जन-सामान्य और जन-प्रतिनिधियों को जोड़कर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और श्रमदान कराया जायेगा। द्वितीय चरण में विचार गोष्ठी एवं कैम्प आयोजित कर स्वच्छता जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के विषयों का वीडियो, व्याख्यान, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसमें दिनभर संचालित गतिविधियों का फीडबैक प्राप्त कर वार्ड स्तर पर संवहनीय व्यवस्था लागू की जायेगी। इस दौरान खुले में शौच, यहाँ-वहाँ कचरा फेंकने, थूकने आदि से उत्पन्न होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, टाईफाइड आदि को रोकने के लिये जानकारियों का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। तृतीय चरण में दिनभर की गई समस्त गतिविधियों की जानकारी संचालनालय को शाम 6 से 7 बजे के बीच निर्धारित प्रपत्र में प्रेषित करना होगी। 

मण्डियों में प्याज का औसत विक्रय मूल्य समर्थन मूल्य से अधिक

मण्डियों में प्याज का औसत विक्रय मूल्य समर्थन मूल्य से अधिक 
इस माह प्याज पर प्रोत्साहन राशि देय नहीं 
अनुपपुर | 02-अगस्त-2018
  
    मंत्रि-परिषद ने भावांतर भुगतान योजना के स्थान पर प्याज और लहसुन के लिये कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। इस योजना में 30 जून, 2018 तक अधिसूचित मण्डियों में प्याज और लहसुन का विक्रय रोपित रकबे के मान से अधिकतम मानक उत्पादकता की सीमा तक मान्य होगा।
    राज्य शासन ने प्याज के लिये 400 रुपये प्रति क्विंटल और लहसुन के लिये 800 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि किसानों के बैंक खाते में जमा कराने का निर्णय लिया है। वर्तमान में मण्डियों में प्याज का औसत विक्रय मूल्य राज्य शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से अधिक है। इस वजह से प्याज पर अभी अगस्त माह में मण्डी में क्रय और विक्रय पर कोई प्रोत्साहन राशि अथवा भावांतर राशि देय नहीं होगी।
मण्डी फीस के भुगतान पर पूर्णत: छूट
    राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कृषि उपज उड़द, उरदा, मूँग, तुअर, अरहर, मसूर, मटर, बटरा और बटरी, जो विदेशों या राज्य के बाहर से किसी मण्डी क्षेत्र में प्र-संस्करण के उपयोग के लिये स्थापित दाल मिलों द्वारा लायी गई हो, को देय मण्डी फीस के भुगतान से पूरी तरह छूट प्रदान की गई है। मण्डी फीस के भुगतान के लिये यह छूट एक वर्ष के लिये होगी। इस संबंध में किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग ने आज आदेश जारी किया।

विश्व स्तनपान दिवस पर निकाली गई रैली एवं माताओं को बताया गया मां के दूध की महत्ता

विश्व स्तनपान दिवस पर निकाली गई रैली एवं माताओं को बताया गया मां के दूध की महत्ता 
अनुपपुर | 02-अगस्त-2018
  
   स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी.श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विकासखण्ड  अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़ एवं जिला चिकित्साल अनूपपुर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इन कार्यशाला में स्तनपान एवं शिशु स्वास्थ्य के संबंध में प्रदर्शन कर स्तनपान के महत्व को बताया गया।
    जिला चिकित्सालय अनूपपुर के एन.आर.सी. भवन में स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत माताओं की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. एस.बी. चौधरी, डी.एम.सी.एच.ओ., श्रीमती ज्योति विश्वकर्मा प्रभारी प्राचार्य एएनएमटीसी आई.ई.सी. सलाहकार मो. साजिद खान, डॉ. शिवेन्द्र द्विवेदी कुष्ठ सलाहकार एवं पोषण सलाहकार श्रीमती आरती सिंह ने उपस्थित माताओं को स्तनपान से होने वाले लाभ व हानि के बारे में बताया। एएनएमटीसी की छात्राओं ने गीत, कविता एवं प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि माताओं को स्तनपान कराने से स्वमेव परिवार नियोजित होता है। स्तनपान से न सिर्फ नवजात शिशु को फायदा होता है बल्की उससे स्तनपान कराने वाली मॉ को भी लाभ होता है। स्तनपान से गर्भवस्था के दौरान बढ़ा हुआ वजन कम होता है। उन्होंने अपील में कहा कि, स्तनपान को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के शिशुओं की प्राण रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाए। नवजात शिशु को सर्वप्रथम गाढा पीला दूध अवश्य पिलाना चाहिए उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है तथा बच्चा हष्ट-पुष्ट होता है। डॉ. एस.बी. चौधरी ने स्तनपान से होने वाले फायदों को बतलाया एवं कहा कि छः माह तक सिर्फ मां का दूध ही नवजात शिशु को देना चाहिए उसके पश्चात ही पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए। स्तनपान से मॉं को पूर्ण संतुष्टि होती है एवं बच्चों से लगाव पैदा होता है। स्तनपान बच्चे का प्रथम टीकाकरण है।
    स्तनपान सप्ताह के अन्तर्गत स्तनपान के संबंध में जिले के चारो विकासखण्ड अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा, पुष्पराजगढ़ में आयोजित कार्यशाला में मॉ की दूध की महत्ता को बताते हुए सही जानकारी सहायक वातावरण और आत्मविश्वास ऐसे तत्व हैं जो एक मॉ को सफलतापूर्वक स्तनपान कराने में सहायक होते हैं। निचले स्तर तक स्तनपान के प्रचार-प्रसार की बात कही। नवजात शिशु को स्तनपान से एलर्जी, दस्त, सांस की तकलीफ, दमा जैसी बीमारी से निजात मिलती है साथ ही स्तन केंसर से बचाव होता है। बच्चे के जन्म के बाद शीघ्र स्तनपान कराने से कई बीमारियों से निजात मिलती है। उपस्थित महिलाओं को मॉ के दूध के बारे में विस्तृत जानकारी दी, सही जानकारी सहायक वातावरण और आत्मविश्वास ऐसे तत्व हैं जो एक मॉ को सफलतापूर्वक स्तनपान कराने में सहायक होते हैं। मॉ का पहला दूध बच्चे के लिए अमृत है। दूध में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता होती है। मॉ का दूध देने से दूध जल्दी उतरता है। उपस्थित माताओं, पोषण पुनर्वास केन्द्र से संबंधित कार्यकर्ता को सुझाव दिया की वो स्तनपान की जानकारी गॉव-गॉव तक पहुँचाए व होने वाले फायदों से माताओं एवं बहनों को समझाएँ।
     इन कार्यशालाओं में ए.एन.एम., आशा कार्यकर्ता एवं काफी संख्या में मातायें उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अन्त में सभी को स्तनपान संबंधी पम्पलेट की प्रतियॉ बाटी गई।
    जिला आईईसी सलाहकार मो. साजिद खान ने बताया कि जिला स्तर पर एएनएमटीसी की छात्राओं ने अनूपपुर नगर में रैली निकाल कर नारों के माध्यम से स्तनपान के महत्व को बताया तथा पंपलेट की प्रतियां बाटी गई। रैली को डॉ. एस.बी.चौधरी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया, जो कि तहसील कार्यालय से होते हुये इन्द्रा चौक, बाजार से होते हुये जिला चिकित्सालय में सामाप्त हुई।

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