Wednesday, July 4, 2018

मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल का तीसरा चरण

मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल का तीसरा चरण 
प्रारंभिक असफलताओं से निराश नहीं हों, आगे बढ़ने का साहस रखें-मुख्यमंत्री, एक लाख विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर देने चार अगस्त को लगेगा रोजगार मेला 
अनुपपुर | 04-जुलाई-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से कहा है कि वे असफलताओं से निराश नहीं हों। आगे बढ़ने की इच्छा और साहस बनाये रखें। एक राह बंद होती है, तो हजारों राहें खुलती हैं। रास्ते हजार हैं। विकल्प बहुत हैं। श्री चौहान आज यहाँ सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल - छू लेंगे आसमां के अंतर्गत तीसरे चरण की काउंसलिंग में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि कॅरियर काउंसलिंग स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और कौशल विकास विभागों का संयुक्त प्रयास है। यह काउंसलिंग 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थियों के लिये आयोजित की गई है, जो परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए।
नया इतिहास लिखने केलिये तैयार रहें
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी चार अगस्त को एक लाख बच्चों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिये विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियां हमेशा बदलती रहती हैं। हमेशा अच्छा होने की उम्मीद रखें। निराशाओं को अपने पास नहीं फटकने दें। आगे बढ़ने का जुनून रखें और नया इतिहास लिखने केलिये तैयार रहें।
    श्री चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों के लिये अनूठी योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे पैसों के अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे। यदि वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं, तो किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा जीवन में बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ कौशल सम्पन्न लोगों की हमेशा जरूरत रहती है। ऐसे क्षेत्रों का चुनाव करें और असफलता से न घबराते हुए फिर से प्रयास करें। जो लगातार कोशिश करते हैं, उनकी हार नहीं होती।
निरंतर आगे बढ़ें
    श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में कोई काम असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हताश और निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अपेक्षित परिणाम नहीं लाने पर लोगों की टिप्पणियों पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे कम नंबरों के कारण अपने बच्चों को कमतर नहीं आंकें। उनकी प्रतिभा में कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में ईश्वर ने समान प्रतिभा, बुद्धि, क्षमता और ऊर्जा दी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने पर भरोसा रखें। आगे कई रास्ते हैं। कई विकल्प हैं। जीवन में निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने दुनिया के कुछ महान व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रारंभिक असफलताओं के बाद उन्होंने ऐसे काम किए, जो आज पूरी दुनिया याद करती है। श्री चौहान ने कहा कि अहंकार से दूर रहें, धैर्य रखें, उत्साह रखें और  स्वयं पर विश्वास रखें। आगे बढने का यहीं मंत्र है।
स्मार्ट क्लास के लिये बनेगा हाल
    श्री चौहान ने सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास के लिये 200 बच्चों की क्षमता का हाल बनवाने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कॅरियर काउंसलिंग केन्द्रों में उपस्थित विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें उत्साहवर्धक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
    स्कूल शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में अनेक योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का पूरा लाभ उठायें और अपना कॅरियर सँवारें।
    माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती ने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग 21 से 31 मई तक आयोजित हुई थी, जिसमें 29 हजार 478 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनके नंबर 70 प्रतिशत से ऊपर थे। दूसरे चरण की काउंसलिंग 08 से 15 जून तक आयोजित की गई, जिसमें 70 प्रतिशत तक के विद्यार्थियों शामिल थे। तीसरे चरण की काउंसलिंग में वे बच्चे शामिल हो रहे हैं, जो अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाये। तीसरे चरण की काउंसलिंग 355 केन्द्रों में चल रही है।
    इस अवसर पर मध्यप्रदेश रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्री एस.एम. मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने आभार व्यक्त किया। 

खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया से मिले पदक विजेता खिलाड़ी

खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया से मिले पदक विजेता खिलाड़ी 
 
अनुपपुर | 04-जुलाई-2018
 
   
    खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया से आज यहाँ जकार्ता में पिछले दिनों आयोजित एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की प्रतिभावान सेलिंग खिलाड़ी एकता यादव और शैला चार्ल्स  तथा कोरिया में गत दिवस आयोजित एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में देश को दो रजत पदक दिलाने वाले मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के होनहार रोइंग खिलाड़ी मंगल सिंह, नीतेश भारद्वाज, रोहित सेंधव और विजय पाल सिंह ने सौजन्य भेंट की। खेल मंत्री ने वाटर स्पोर्ट्स अकादमियों के खिलाड़ियों द्वारा एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप और एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में किए गए शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं, जिन पर हमें गर्व है। इस अवसर पर संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन, वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के सेलिंग प्रशिक्षक श्री जी.एल. यादव एवं रोइंग प्रशिक्षक कैप्टन दलबीर सिंह मौजूद थे।
    उल्लेखनीय है कि जकार्ता में पिछले दिनों आयोजित एशियन सेलिंग चैम्पियनशिप के 49बत थ्ग् क्लास बोट इवेन्ट में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की सेलिंग खिलाड़ी एकता यादव और शैला चार्ल्स की जोड़ी ने देश को कांस्य पदक दिलाया। इसी तरह कोरिया में गत दिवस आयोजित एशियन जूनियर रोइंग चैम्पियनशिप में मध्य प्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी मंगल सिंह और नीतेश भारद्वाज की जोड़ी ने जूनियर मेन क्वाटरपूल स्कल तथा रोहित सेंधव और विजय पाल सिंह की जोड़ी ने जूनियर मेन कॉक्सलेस फोर इवेन्ट में एक-एक रजत पदक देश को दिलाए।

मध्यप्रदेश में आरोग्यम नाम से विकसित होंगे हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर

मध्यप्रदेश में आरोग्यम नाम से विकसित होंगे हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर 
 
अनुपपुर | 04-जुलाई-2018
 
   
    मध्यप्रदेश के 25 जिलों में इस वर्ष सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सिविल डिस्पेंसरी को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जायेगा। इनका नाम मध्यप्रदेश आरोग्यम (सेहत एवं सुकून केन्द्र) होगा। अगले वर्ष शेष जिलों में हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्र विकसित किये जायेंगे। उप स्वास्थ्य केन्द्रों को विकसित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी।
    हब एण्ड स्पोक्स मॉडल पर आधारित कॉम्प्रीहेन्सिव प्रायमरी हेल्थ केयर की अवधारणा पर आगे बढ़ते हुए राज्य ने तय किया है कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रभावी रिफरल केन्द्र बनाया जाये, जहाँ सभी 12 तरह की चिन्हित सेवाएँ उपलब्ध हों। इन केन्द्रों पर अन्य सेवाओं के साथ असंचारी रोग डायबिटीज, हायपरटेंशन, ह्रदय रोग तथा कैंसर के बारे में परीक्षण और प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाना राज्य की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में पीएचसी-हेल्थ एण्ड वेलफेयर सेंटर पर आयुष चिकित्सा सेवाएँ भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
    अभी प्रदेश के 25 जिलों में राजगढ़, सीहोर, बैतूल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, भिण्ड, गुना, श्योपुर, बड़वानी, खण्डवा, देवास, उज्जैन, डिण्डौरी, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, शहडोल, सतना, अनूपपुर, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह और पन्ना को शामिल किया गया है। प्रारंभिक तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार गैप असेसमेंट एनालिसिस किया गया है। तदनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

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