| उड़द और मूँग फसल के लिये पंजीकृत किसानों का बोनी सत्यापन एक जुलाई तक |
| अनुपपुर | 28-जून-2018 |
प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूँग और उड़द के पंजीकृत कृषकों की बोनी का सत्यापन अब एक जुलाई तक होगा। पूर्व में यह 26 जून तक किया जाना था। संशोधित तिथि का आदेश किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा आज जारी कर दिया गया है।
ग्रीष्मकालीन मूँग के 12 जिले होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, हरदा, विदिशा, गुना, देवास, इंदौर, धार, बालाघाट हैं। ग्रीष्मकालीन उड़द के लिये नरसिंहपुर, जबलपुर, बालाघाट, कटनी, डिण्डोरी, सिवनी, दमोह और हरदा हैं। ग्रीष्मकालीन मूँग और उड़द के पंजीयन का राजस्व विभाग से बोनी क्षेत्रफल का सत्यापन एक जुलाई तक किये जाने के लिये संबंधित जिला कलेक्टर्स का निर्देश जारी कर दिये गये हैं। |
Thursday, June 28, 2018
उड़द और मूँग फसल के लिये पंजीकृत किसानों का बोनी सत्यापन एक जुलाई तक
प्रदेश के 25 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में शाला सिद्धि कार्यक्रम का क्रियान्वयन
| प्रदेश के 25 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में शाला सिद्धि कार्यक्रम का क्रियान्वयन |
| अनुपपुर | 28-जून-2018 |
प्रदेश में दक्षता संवर्धन, जिला अकादमिक गुणवत्ता सुधार योजना, प्रतिभा पर्व, हमारी शाला कैसी हो, शाला गुणवत्ता कार्यक्रम जैसे सकरात्मक प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में NUEPA (राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) द्वारा मध्यप्रदेश की शालाओं के मूल्यांकन एवं सुधार के लिये एक फ्रेमवर्क "शाला सिद्धि" कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रदेश में शाला सिद्धि कार्यक्रम को नवम्बर 2015 से प्रारंभ किया गया।
राज्य की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को केन्द्रित करते हुए शालाओं के मूल्यांकन और उन्नयन के लिए "हमारी शाला ऐसी हो" कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम द्वारा शाला स्वयं का सतत् मूल्यांकन एवं बाह्म मूल्यांकन कर चिन्हित क्षेत्रों में शाला उन्नयन की कार्य-योजना बनाकर शाला का समग्र विकास कर रही हैं। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा शाला सिद्धि- "हमारी शाला ऐसी हो" कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2017-18 में प्रदेश के प्रत्येक जिले से प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र से 4 प्राथमिक और 4 माध्यमिक शालाएं लेते हुए कुल 24792 शालाएं चयनित की गईं। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन 4 चरणों में किया गया। ये चरण हैं- स्व-मूल्यांकन, बाह्मा मूल्यांकन, शाला उन्नयन कार्य योजना का निर्माण और शाला उन्नयन कार्य योजना अनुसार सुधार के लिए कार्यवाही। प्रदेश में वर्ष 2017-18 प्रतिभा पर्व के दौरान विभिन्न जिलों के 15 हजार 800 अधिकारियों द्वारा शाला सिद्धि शालाओं को शाला मित्र के रूप में गोद लिया गया। इन शालाओं में कक्षा 6 में गणित और विज्ञान विषय का मूल्यांकन स्वयं के द्वारा किया गया। प्रत्येक विकासखंड के एक जनशिक्षा केन्द्र को उत्कृष्ट जनशिक्षा केन्द्र के रूप में चिन्हित किया गया। प्रत्येक संकुल की शाला सिद्धि की एक अग्रणी माध्यमिक शाला को लर्निंग किट भी प्रदान किया गया है।
प्रदेश में गिफ्ट-अ-बुक योजना
प्रदेश में गिफ्ट अ बुक योजना शुरू की गई है। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित योजना में कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था अपनी ज्ञान, मनोरंजन और प्रतियोगी परीक्षा की उपयोगी पुस्तकें सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपहार स्वरूप प्रदान कर सकते हैं। इस योजना में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिये शिक्षकों से जन-सामान्य को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस वर्ष "मिल-बाँचे मध्यप्रदेश" कार्यक्रम को प्रदेश स्तर पर 7 अगस्त को कवि श्री रवीन्द्र नाथ टैगोर की पुण्य-तिथि पर वृहद स्तर पर आयोजित किये जाएंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया रखी गई है। |
सभी योजनाओं के लक्ष्य जल्द ही पूरा करें - राज्य मंत्री श्री आर्य
| सभी योजनाओं के लक्ष्य जल्द ही पूरा करें - राज्य मंत्री श्री आर्य |
| सहकारी अनुसूचित जाति वित्त-विकास निगम की समीक्षा सम्पन्न |
| अनुपपुर | 28-जून-2018 |
अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि योजनाओं का लक्ष्य जल्द ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक 15 जुलाई के आसपास आयोजित की जायेगी। श्री आर्य मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष श्री भुजबल अहिरवार और प्रबंध संचालक श्री विनोद कुमार उपस्थित थे।
श्री आर्य ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना और सावित्री बाई फूले स्व-सहायता समूह योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पिछले और इस वित्तीय वर्ष में दिये गये लक्ष्यों पर किये गये कार्य की जानकारी हासिल की। श्री आर्य ने लक्ष्य पूरा न करने वाले जिलों को शो-कॉज नोटिस देने को कहा। श्री आर्य ने लक्ष्य पूरा न होने वाले जिला कलेक्टरों को भी अवगत करवाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार उन्होंने अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों से भी कारण जानने के लिये पत्राचार करने के निर्देश दिये। प्रति सप्ताह पत्रक में जानकारी भेजने और ऑनलाइन साफ्टवेयर प्रक्रिया के जरिये जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही जल्द पूरी करने को कहा। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि अधिकारी रूचि लेकर प्रकरण बनाये और स्वीकृत करवाये। अगर बैंकों में किसी प्रकार की दिक्कत आये तो लिखित में विभाग को सूचित करें। साथ ही, अधिकारी आदेश और निर्देशों का अध्ययन करते रहें। |
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