Tuesday, May 29, 2018

समुदाय व्यवहार परिवर्तन संचार के लिए जिला एवं विकासखंड अधिकारियों तथा मैदानी अमलों को किया जाएगा प्रशिक्षित

समुदाय व्यवहार परिवर्तन संचार के लिए जिला एवं विकासखंड अधिकारियों तथा मैदानी अमलों को किया जाएगा प्रशिक्षित


अनूपपुर 29 मई 2018/ खुले मे शौच करना अशोभनीय कृत्य है , यह पशुता की निशानी है। इस कुप्रथा को दूर करना किसी एक विभाग की ज़िम्मेदारी नहीं है। वरन समस्त विभागो समेत हर एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व एवं कर्तव्य है कि वह इस कुप्रथा को दूर करने मे आगे आकर सहयोग करे। ज़िले मे इस कुप्रथा को दूर करने हेतु समुदाय व्यवहार मे परिवर्तन के संचार के लिए क्षमतावर्धन हेतु यूनिसेफ के मास्टर ट्रैनरों द्वारा जिलाधिकारियों, विकासखंड अधिकारियों, मैदानी कार्यकर्ता ( आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एसएचजी सदस्य), ज़िला एवं ब्लॉक प्रवक्ता, जनशिक्षक, रोजगार सहायक, सरपंच , सचिव आदि सभी को  प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी द्वारा इस संबंध मे आदेश जारी कर दिये गए हैं। 

सफलता की कहानी आर्थिक प्रबंधन एवं नियोजन का उदाहरण बनी अमगवां की महिलाए

सफलता की कहानी 
आर्थिक प्रबंधन एवं नियोजन का उदाहरण बनी अमगवां की महिलाए



अनूपपुर 29 मई 2018/ मन मे कुछ करने का जज़्बा, आत्मविश्वास एवं सही मार्गदर्शन हो तो नए रास्तो का चयन कर सफलता को प्राप्त करना मुश्किल नहीं होता है। अनूपपुर ज़िले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड के संकुल भेजरी की ग्राम पंचायत अमगवा की महिला शक्ति ग्राम संगठन की महिलाओ ने म.प्र.दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से स्टोन डस्ट से ईट निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर नई राह चुनकर सफल होने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।  इस कार्य मे संगठन से जुड़ी 15 महिलाओं ने भागीदारी की। ईट बनाने के लिए कच्चा माल पास के स्टोन क्रशर से आसानी से प्राप्त हो जाता है। क्षेत्र मे चल रहे निर्माण कार्यों के कारण ईट की मांग भी निरंतर बनी हुई है। क्षेत्र मे उपलब्ध इस अवसर की पहचान एवं उसका उत्कृष्ट क्रियान्वयन कर ये महिलाए आज समूचे ज़िले के समक्ष आर्थिक प्रबंधन एवं नियोजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई हैं। समूह की सदस्य लल्ली बाई बताती हैं कि म.प्र.दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के पीएफ़टी द्वारा समूह की सदस्यों को ईट निर्माण कार्य हेतु प्रशिक्षित किया गया था।
 आप बताती हैं कि ईट निर्माण हेतु स्टोन डस्ट नजदीकी दोनिया स्टोन क्रशर से प्राप्त हो जाती है। आप बताई हैं कि अब तक समूह के सदस्यो के द्वारा 12 हजार ईटों का निर्माण किया जा चुका है। जिसके फलस्वरूप 20 हजार की शुद्ध आय हुई है। इन ईटों का प्रयोग क्षेत्र मे  लगभग 45 शौचालयों के निर्माण मे किया गया है। सतत प्रयास से आप सब मिलकर इस उद्यम को और आगे ले जाएगी ऐसा लल्ली बाई, नेमवती,संतवती, दोनिया बाई, खुजिया बाई, मुन्नी बाई,अमरतिया बाई, कमलवती, दुर्गा बाई, चन्द्रवती,रूगी बाई एवं बिसमोतीन बाई का कहना है।

कृषक अपनी समस्याओं से ज़िला प्रशासन को कराये अवगत - कलेक्टर

कृषक अपनी समस्याओं से  ज़िला प्रशासन को कराये अवगत - कलेक्टर



अनुपपुर 29 मई 2018/ कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने ज़िले के समस्त कृषक बंधुओं से अपील की है कि किसी भी तरह की समस्या आने पर ज़िला प्रशासन को अवगत कराये। ज़िला प्रशासन  कृषको की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। समस्या चाहे ऋण से संबन्धित हो, फसल के उपार्जन अथवा भुगतान से असंतुष्टि हो  समस्याग्रस्त होने पर तत्काल सूचित करे। समस्या का यथोचित निदान किया जावेगा।

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