Wednesday, April 18, 2018

महिला हेल्प लाईन 181 का संचालन करेगा महिला वित्त एवं विकासनिगम

महिला हेल्प लाईन 181 का संचालन करेगा महिला वित्त एवं विकासनिगम



अनूपपुर 18 अप्रैल 2018/ महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस की अध्यक्षता में संपन्न मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा आरंभ की गयी महिला हेल्प लाईन 181 के संचालन का कार्य भी महिला वित्त एवं विकास निगम को सौंपा गया है। संचालक मंडल ने निगम के कर्मचारियों को छठवें वेतनमान के एरियर का भुगतान, राज्य शासन के कर्मचारियों के समकक्ष डीए और अन्य भत्तों के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया। साथ ही, मुख्यमंत्री महिला कोष की स्थापना का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, तेजस्विनी परियोजना में सलाहकार श्रीमती स्नेहलता कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संचालक मंडल ने निगम द्वारा ली गयी नवीन योजनाओं और शासकीय विभागों से किए गए समन्वय की समीक्षा भी की। बैठक में मंडला जिले के निवास विकासखंड में आदिवासी महिलाओं के साथ राई, रामतिल की आधुनिक कृषि कार्य में हुयी प्रगति और
न्यूट्री रूरल बेकरी स्थापित करने के संबंध में की जा रही कार्यवाही से संचालक मंडल को  अवगत कराया गया।

प्रदेश का कोई श्रमिक अब मजबूर नहीं रहेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान सेल्फ डिक्लेरेशन मोड पर अमल होगा

प्रदेश का कोई श्रमिक अब मजबूर नहीं रहेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
सेल्फ डिक्लेरेशन मोड पर अमल होगा





अनूपपुर 18 अप्रैल 2018/  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में अब कोई भी श्रमिक मजबूर नहीं रहेगा। अब फसल  काटने वाले, गिट्टी तोड़ने वाले, हम्माली करने वाले, ढ़ाई एकड़ से कम जमीन वाले किसान सहित सभी असंगठित श्रमिकों को शासन की योजनाओं का भरपूर लाभ दिया जायेगा। हर गरीब को जमीन मिलेगी, वन-भूमि पर पुराने कब्जाधारियों को वनाधिकार पट्टे दिये जायेंगे। हर पट्टाधारी को मकान बनाने के लिये प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री अंत्योदय योजना में वित्तीय सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज खरगोन जिले के भीकनगाँव तहसील मुख्यालय पर असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सेल्फ डिक्लेरेशन मोड पर अमल होगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों के हित में प्रदेश में अब स्वघोषित व प्रमाणित (सेल्फ डिक्लेरेशन) मोड पर अमल किया जायेगा। श्री चौहान ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स और जिला पंचायत सीईओ को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अगर मजूदर, गरीब स्वयं लिखकर देता है कि वह आयकर श्रेणी में नहीं है और योजनाओं की पात्रता  रखता है तो उसे भी असंगठित मजदूर कल्याण योजना में शामिल किया जाएगा।
70 हजार श्रमिकों को दिये जमीन के पट्टे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर खरगोन जिले में एक लाख से अधिक श्रमिकों को जमीन के पट्टे देने की
घोषणा की। उन्होंने मौके पर ही 70 हजार श्रमिकों को जमीन के पट्टे वितरित भी किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चार साल में सभी आवासहीन श्रमिकों को पक्के घर उपलब्ध करवाये जायेंगे। यह कार्य अगले चार वर्षों  में पूर्ण किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की जनता को सड़क और बिजली जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार गरीबों को मकान के लिये जमीन और प्राथमिकता से बिजली उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि अब एक अप्रैल से पंजीकृत श्रमिकों को सिर्फ 200 प्रतिमाह फ्लेट रेट बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

श्रमिक हितैषी घोषणाएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर श्रमिकों के लिये महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। उन्होंने कहा कि अब श्रमिक परिवार में बेटा/बेटी की उम्र 6 माह और 9 माह होने पर उनकी माँ के खाते में 4 हजार रूपये की राशि ट्रांसफर की जायेगी। बेटी/बेटी के जन्म पर 12 हजार रूपये अलग से दिये जायेंगे। श्रमिकों के बच्चों की पहली कक्षा से उच्च शिक्षा  तक की पूरी फीस राज्य सरकार भरेगी। श्रमिक बहनों को सम्मानजनक व्यवसाय के लिये प्रशिक्षण दिया जायेगा। श्री चौहान ने श्रमिकों को उनके कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये हर गाँव में 5-5 लोगों की समिति भी गठित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने ग्राम बड़वाह निवासी दिवंगत दीपक के उत्तराधिकारी को दो लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की।  भीकनगाँव की कलाबाई और ख्याली बाई को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किये। चार हितग्राहियों को ई-रिक्शा और ई-रोडर क्रय करने के लिये वित्तीय सहायता प्रदान की। साथ ही हितग्राहियों को भू- अधिकार पत्र वितरित किये। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बालकृष्ण पाटीदार, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान, विधायक श्री राजकुमार मेव, श्री हितेन्द्र सिंह सोलंकी सहित अन्य जन-प्र‍तिनिधि उपस्थित थे।

पिछले वर्ष 492 करोड़ यूनिट अधिक हुई बिजली की सप्लाई रबी सीजन में 260 करोड़ यूनिट ज्यादा प्रदाय हुई बिजली

पिछले वर्ष 492 करोड़ यूनिट अधिक हुई बिजली की सप्लाई
रबी सीजन में 260 करोड़ यूनिट ज्यादा प्रदाय हुई बिजली


अनूपपुर 18 अप्रैल 2018/ मध्यप्रदेश में पिछले वर्ष 2017-18 में वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में 492 करोड़ यूनिट अधिक बिजली की सप्लाई की गई। यह पिछले वर्ष से आठ प्रतिशत अधिक है। बीते रबी सीजन  पिछले रबी सीजन की तुलना में 260 करोड़ यूनिट अधिक बिजली सप्लाई की गई। यह भी सात प्रतिशत अधिक है। देश में मध्यप्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में से एक है, जहाँ गैर कृषि कार्य के लिए 24 घंटे और कृषि कार्य के लिए 10 घंटे सतत् बिजली सप्लाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 6917 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की गई, वहीं वित्तीय वर्ष 2016-17 में 6425 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई हुई थी। रबी सीजन में (अक्टूबर 2017 से मार्च2018 तक) 3852 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई हुई। पिछले रबी सीजन में इस दौरान 3592  करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई थी। वित्तीय वर्ष 2017-18 में बिजली की अधिकतम मांग दिसंबर में 12 हजार 240 मेगावट दर्ज हुई। वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिजली की अधिकतम मांग 11 हजार 421 मेगावाट दर्ज हुई थी। इस प्रकार बिजली की अधिकतम मांग में 819 मेगावाट की बढ़ोत्तरी हुई, जो कि सात प्रतिशत अधिक हैं। पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में प्रति वर्ष बिजली की मांग के साथ सप्लाई में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में बढ़ रही बिजली की मांग की शत-प्रतिशत सप्लाई सफलतापूर्वक की गई। कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए आवश्यकतानुसार बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित किया गया है। परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश को लगातार पांचवी बार राष्ट्रीय स्तर का कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्तमान में सौभाग्य योजना में प्रत्येक घर को बिजली का कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। घरेलू बिजली की खपत में वृद्धि होना इस बात का संकेत है कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी बिजली के कारण विकास हो रहा है।

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