Friday, March 23, 2018

राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होगा

राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होगा 
 
अनुपपुर | 23-मार्च-2018
 
   
   सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में पात्रता, मापदण्ड एवं सहायता की मात्रा को पुनः स्पष्ट किया है। अब राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के घटक राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों को सहायता प्राप्त होगी। परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर शोक संतप्त परिवार को 20 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्राकृतिक अथवा अन्य सहित किसी भी प्रकार की मृत्यु हो जाने पर परिवार सहायता के लिए पात्र होगा।
   गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के किसी भी कमाऊ सदस्य, जिसकी कमाई घर चलाने में अहम योगदान करती है, मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता का लाभ लेने की पात्रता होगी। मृतक के परिवार में सदस्य महिला या पुरूष या ट्रान्सजेण्डर हो सकता है। राष्ट्रीय परिवार सहायता की पात्रता के लिए लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। स्थानीय जॉच के बाद मृतक गरीब के परिवार में ऐसे जीवित सदस्य को पारिवारिक लाभ का भुगतान किया जाएगा, जो उस परिवार का कमाऊ व्यक्ति पाया गया हो।
   इस योजना में “परिवार” शब्द में विवाहिता वयस्क की मृत्यु के मामले में पति-पत्नी, छोटे बच्चों, अविवाहित लड़कियाँ और आश्रित माता-पिता, अविवाहित वयस्क की मृत्यु के मामले में छोटे भाई-बहन या आश्रित माता-पिता को शामिल किया गया है। योजना में सहायता की पात्रता के लिये मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम की आयु में होना जरूरी होगा। विभाग ने निर्देश जारी किये हैं कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रत्येक मुख्य जीविकोपार्जक की मृत्यु के मामले में प्रत्येक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को राष्ट्रीय परिवार सहायता के अंतर्गत लाभ मिल सके।

विश्व क्षय दिवस आज

विश्व क्षय दिवस आज 

अनुपपुर | 23-मार्च-2018
 
   
    विश्व क्षय दिवस आज मनाया जायेगा। इस दिवस जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाकर क्षय रोग के सम्बन्ध में जागरूकता उत्पन्न की जायेगी। इसके उपचार की जानकारी दी जायेगी।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वा. अधिकारी डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव ने बताया कि टी.बी. एक संक्रामक रोग है, जो कीटाणु के कारण होता है। हवा के माध्यम से एक रोगी से दूसरे रोगी को हो सकता है। दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम के साथ खून आने, छाती में दर्द, भूख में कमी, वजन का घटना, कमजोरी, शाम को बढ़ने वाला बुखार जैसे लक्षण होने पर टी.बी. की जांच करवायें, जो सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होती है। टी.बी. का डॉट्स पद्धति से उपचार भी सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होता है। नियमित और पूरा इलाज लेने से रोगी पूरा ठीक हो जाता है।

नव साक्षर परीक्षा अब 28 मार्च को होगी

नव साक्षर परीक्षा अब 28 मार्च को होगी 
 
अनुपपुर | 23-मार्च-2018
   
   साक्षर भारत योजना के अंतर्गत 25 मार्च 2018 को आयोजित होने वाली नव साक्षर परीक्षा अब 28 मार्च को आयोजित होगी। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र की जानकारी के अनुसार 25 मार्च को रामनवमीं होने के कारण परीक्षा को स्थगित करके अब यह परीक्षा 28 मार्च को नियत की गई है। नव साक्षर के प्रश्न पत्र एवं अन्य सामग्री जन शिक्षक के माध्यम से 26 मार्च को पहुंचा दिए जायेंगे। नव साक्षर परीक्षा के संबंध में अन्य दिशा निर्देश पूर्व की भांति रहेगे।

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