Wednesday, September 19, 2018

राज्य के बाहर प्रशिक्षण के लिये भेजे जायेंगे अधिकारी - प्राचार्य

राज्य के बाहर प्रशिक्षण के लिये भेजे जायेंगे अधिकारी - प्राचार्य 
12 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में बनेंगे ऑडिटोरियम, राज्य मंत्री श्री आर्य की अध्यक्षता में हुई संचालक मण्डल की बैठक 
अनुपपुर | 19-सितम्बर-2018
 
    एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की व्यवस्था उत्कृष्ट करने एवं शैक्षणिक गतिविधियों में प्रगति के अध्ययन के लिये अधिकारियों और प्राचार्यों को गुजरात, उड़ीसा, महाराष्ट्र, राजस्थान, नई दिल्ली जैसे राज्यों में प्रशिक्षण के लिये भेजा जायेगा। यह निर्णय आज जनजातीय कार्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर रेसीडेंशियल एण्ड आश्रम एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसायटी के संचालक मण्डल की बैठक में लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा और आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी उपस्थित थीं।
    मंत्री श्री आर्य ने 12 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऑडिटोरियम निर्माण के लिये एक करोड़ की राशि प्रति संस्था व्यय करने की मंजूरी दी। इसमें 40 लाख रुपये केन्द्र सरकार का रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेल एवं कला गतिविधियों से जोड़ा जाये। एकलव्य विद्यालयों का अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण किया जाये। जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अच्छा रहा है, उनकी सराहना की जाये और कमजोर रिजल्ट वाले विद्यालय पर विशेष ध्यान दिया जाये।
    बैठक में बताया गया कि 7 इंटरनेशनल लेवल के क्रीड़ा परिसर डिजाइन किये जा रहे हैं। इसमें इंदौर में ओलम्पियाड, खरगोन में जिमनास्टिक, इटारसी में तैराकी, जबलपुर में साइकिलिंग जैसी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेंगी। श्री आर्य ने कहा कि कहीं भी क्वालिटी से समझौता नहीं करें, गुणवत्ता बनाये रखें। निर्माण कार्यों में 75 प्रतिशत से अधिक के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करें। अगले चरण में 50 प्रतिशत कार्य को प्राथमिकता दें। श्री आर्य ने कहा कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले विद्यार्थियों की जरूरत की सामग्री के बारे में बच्चों से चर्चा अवश्य करें।

राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का बेहतर प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का बेहतर प्रदर्शन 
प्रदेश के स्कूली खिलाड़ियों ने जीते 102 स्वर्ण पदक 
अनुपपुर | 19-सितम्बर-2018
 
    प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की शालेय खेलकूद प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय पदक तालिका में प्रथम तीन में स्थान बनाया है। इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में 102 स्वर्ण पदक जीते हैं।
    स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों के कालखण्ड में खेलकूद को अनिवार्य रूप से शामिल किया है। अकादमी और कोचिंग कैम्प के माध्यम से छात्रों में उनकी रुचि के अनुसार खेलों में क्षमतावर्धन का काम कर रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण-पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी को 10 हजार, रजत-पदक विजेता को 7,500 और काँस्य-पदक विजेता खिलाड़ी को 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
    वर्ष 2017-18 में शालेय स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश के स्कूली खिलाड़ियों ने 102 स्वर्ण, 93 रजत और 120 काँस्य-पदक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर की पदक तालिका में पहली बार तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2017-18 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया द्वारा जारी खेल कैलेण्डर में से मध्यप्रदेश में 15 राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयोजन की गुणवत्ता के कारण मध्यप्रदेश को स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया द्वारा पुरस्कृत भी किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन
    मध्यप्रदेश में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता एशियन स्कूल हॉकी चैम्पियनशिप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2017 में आयोजित की गई। इसमें 8 देशों श्रीलंका, यू.ए.ई., चीन, नेपाल, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैण्ड और मेजबान भारत ने सहभागिता की। एशियन हॉकी प्रतियोगिता में भारत की टीम विजेता रही।
स्कूल ओलम्पियाड
    ग्रामीण अंचल में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के लिये पहली बार स्कूल ओलम्पियाड का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण स्तर पर मुख्य रूप से खेले जाने वाले खेल खो-खो, कबड्डी, रस्सीकूद, शतरंज, व्हालीबॉल एथेलिटिक्स को मुख्य रूप से शामिल किया गया। इन प्रतियोगिताओं में भी प्रदेश में पढ़ने वाले बच्चों की सहभागिता काफी अधिक रही।

पेरेटिंग पर विकसित किये जाएंगे प्रशिक्षण मॉड्यूल - मंत्री श्रीमती चिटनिस

पेरेटिंग पर विकसित किये जाएंगे प्रशिक्षण मॉड्यूल - मंत्री श्रीमती चिटनिस 

अनुपपुर | 19-सितम्बर-2018
 
   महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा है कि बच्चों के लालन-पालन(पेरेटिंग) के संबंध में वर्तमान तथा भावी पालकों को प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये पेरेटिंग कोर्स मॉड्यूल विकसित किये जायेंगे। इसके लिये मनो-वैज्ञानिक, समाजशास्त्री के साथ महिला बाल विकास, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधियों की समिति गठित की जा रही है। मॉड्यूल विकास के लिये 25 सितम्बर को कार्यशाला आयोजित की गई है।
   श्रीमती चिटनिस पेरेटिंग विषय पर आज मंत्रालय में संपन्न बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। श्रीमती चिटनिस ने निर्देश दिये कि मॉड्यूल में शहरी तथा ग्रामीण परिवेश का विशेष ध्यान रखा जाए। इस विषय पर जागरूकता के लिये एक पखवाड़े में विशेष गतिविधियाँ भी आयोजित की जायें।
   प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन.कंसोटिया, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, अटल बिहारी बाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों सहित उच्च शिक्षा तथा महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

Featured Post

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास

युवा एवं महिला मतदाताओ की सहभागिता बढ़ाने हेतु किए जाएँगे प्रयास नोडल अधिकारियों की बैठक में निर्वाचन दायित्वों की कलेक्टर ने की समीक्षा    ...

इस सप्ताह सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें