Sunday, April 15, 2018

किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ की व्यवस्था - मुख्यमंत्री श्री चौहान

किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ की व्यवस्था - मुख्यमंत्री श्री चौहान 
दस लाख किसानों के खातों में आज जमा कराये जायेंगे 16 करोड़, मुख्यमंत्री द्वारा छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास और समूह नल-जल योजना का लोकार्पण 
अनुपपुर | 15-अप्रैल-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पहुँचाई जायेगी।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की खेती से आय बढ़ाने के लिये ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। जहाँ नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं है, वहाँ उद्वहन सिंचाई योजनाएँ बनाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान की मेहनत का सम्मान करती है। इसलिये किसानों के हित संरक्षण के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
    श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार ने किसानों को पिछले वर्ष बेची गई गेहूँ की फसल के लिये 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। आज 16 अप्रैल को शाजापुर में राज्य-स्तरीय समारोह में 10 लाख किसानों के खातों में 16 करोड़ की राशि जमा करवाई जायेगी। इसी दिन हर जिला मुख्यालय पर किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जमा कराने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी किसानों को मण्डियों में गेहूँ बेचने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि चना, मसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी पर भी किसान को समर्थन मूल्य के अलावा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मण्डी के बाहर गेहूँ और चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि ऋण समाधान योजना में किसानों के कुल ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में अभी तक पौने दो करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ, घर बनाने के लिये जमीन का पट्टा और आर्थिक सहायता तथा 200 रुपये मासिक फ्लेट रेट पर बिजली भी उपलब्ध करवायी जायेगी।
    योजना की विशेषता यह है कि जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होगी। पाईप से जल प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक किसान को 20 मीटर दबाव पर उपलब्ध होगा। दाबयुक्त जल से किसान ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी से अधिक और उपयोगी सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह योजना प्रधानमंत्री के पर ड्राप मोर क्राप अर्थात पानी की बूँद-बूँद का उपयोग कर न्यूनतम जल से अधिकतम सिंचाई करने पर आधारित है। जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होने से भूमि का स्थाई अर्जन नहीं होगा। पम्प हाउस के लिये केवल लगभग छ: हेक्टेयर भूमि के स्थाई अर्जन की आवश्यकता होगी।

एक मई से सभी जिलों में होंगी विकास यात्राएं - मुख्यमंत्री श्री चौहान

एक मई से सभी जिलों में होंगी विकास यात्राएं - मुख्यमंत्री श्री चौहान 
किसानों के खातों में भुगतान राशि तत्काल ट्रांसफर होगी, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिये गेहूं और अन्य फसलों के उपार्जन संबंधी निर्देश 
अनुपपुर | 15-अप्रैल-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूँ, चना, सरसों और मसूर की तत्काल खरीदी करने और किसानों के खातों में भुगतान राशि अविलम्ब जमा कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होना चाहिए। उन्हें खरीदी केंद्र तक जाने के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करना पड़े। यदि आवश्यक हो, तो खरीदी केन्द्रों की संख्या भी बढायें। श्री चौहान गत दिवस मंत्रालय भोपाल में संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे।
    श्री चौहान ने मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना को किसानों के लिये ऐतिहासिक योजना बताते हुए कहा कि सात लाख से ज्यादा गेंहू उत्पादक किसानों और 2.82 लाख धान उत्पादक किसानों के खातों में 1700 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। यह राशि पिछले साल समर्थन मूल्य पर खरीदे गये 67 लाख 21 हजार मीट्रिक टन गेहूँ पर 200 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त रूप से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में यह ऐतिहासिक निर्णय है। अतिरिक्त राशि वितरण की शुरूआत आज 16 अप्रैल को शाजापुर जिले से होगी। इस कार्यक्रम की सभी जिलों की मंडियों में देखने के लिये सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के लिये इस दिन उत्सव का माहौल होगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा अवसर आ रहा है।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चना, सरसों और मसूर की खरीदी पर भी मुख्यमंत्री किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 100 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जायेगी। इसी प्रकार इस वर्ष खरीदे गये गेहूँ पर 265 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि पर का वितरण 10 जून से किया जायेगा।
    किसानों के खातों का सत्यापन करें - मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे किसानों के खातों का सत्यापन करवा लें ताकि उनके खातों में राशि देने में अड़चन नहीं आये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गेहूँ और अन्य उपज की सरकारी खरीद के लिये की गई प्रभावी व्यवस्थाओं के लिये संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि खरीदी की व्यवस्था पूरे देश में अनुकरणीय है। उपार्जन में तेजी लाना जरूरी है, ताकि उपज का अविलम्ब भण्डारण हो जाये और किसानों के खातों में पैसे पहुंच जायें। श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में एक से दस मई तक विकास यात्राओं का आयोजन होगा।
    श्री चौहान ने मध्यप्रदेश असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों के जीवन में सुखद परिवर्तन लाने वाली योजना है। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब तक एक करोड़ से ज्यादा श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है। इस दौरान श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भू-खंड अधिकार अभियान भी चलाया जायेगा।

लहसुन उत्पादक किसानों के फायदे के लिये भावांतर योजना में संशोधन

लहसुन उत्पादक किसानों के फायदे के लिये भावांतर योजना में संशोधन 
1600 रुपये प्रति क्विंटल से कम भाव से बिकने पर भी मिलेगा योजना का लाभ 
अनुपपुर | 15-अप्रैल-2018
 
   
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लहसुन उत्पादक किसानों के फायदे के लिये भावांतर भुगतान योजना में संशोधन किया है। अब यदि किसान का लहसुन 1600 रुपये प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर भी बिकता है, तो भी उसे भावांतर योजना का लाभ मिलेगा।
    उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इस संबंध मे भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा के संभागायुक्तों तथा भोपाल, सीहोर रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, उज्जैन, देवास मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और सतना जिलों के कलेक्टरों को वर्ष 2018-19 के लिये लहसुन संबंधी भावांतर योजना निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
    राज्य शासन ने 9 अप्रैल 2018 को वर्ष 2018-19 के लिये लहसुन फसल के लिये भावांतर की देय राशि अधिकतम 800 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी। यदि 1600 रुपये प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर लहसुन बिकता, तो उसकी गुणवत्ता को निम्न मानते हुए भावांतर योजना का लाभ नहीं देने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशानुसार किसानों के हित में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।

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