Thursday, April 12, 2018

मध्यप्रदेश खेल अकादमी से चयन की प्रक्रिया हुई ऑनलाइन

मध्यप्रदेश खेल अकादमी से चयन की प्रक्रिया हुई ऑनलाइन 
डे-बोर्डिंग बैडमिंटन के चयन ट्रायल प्रारंभ 
अनुपपुर | 12-अप्रैल-2018
 
 
    मध्यप्रदेश की विभिन्न खेल अकादमियों में चयन प्रक्रिया 9 अप्रैल से प्रारंभ होकर 9 जून तक निर्धारित है। चयन के लिये प्रतिभावान खिलाड़ियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। बैडमिंटन अकादमी (डे-बोर्डिंग) में आज 12 अप्रैल से चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयन प्रक्रिया फिजिकल टेस्ट, स्किल टेस्ट तथा मेडिकल टेस्ट के आधार पर तीन चरणों में पूर्ण की जायेगी। अकादमी में चयन के लिये वांछित आयु 12 से 18 वर्ष है। आयु की गणना एक जुलाई, 2018 से की जायेगी। सभी खेलों के लिये चयन ट्रायल स्थल टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल होगा। प्रतिभा चयन के समय आवेदकों के लिये आवश्यक दस्तावेज जैसे आयु प्रमाण-पत्र, मूल निवासी, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र एवं आधारकार्ड लाना अनिवार्य होगा। प्रतिभा चयन प्रक्रिया में शूटिंग एवं घुड़सवारी अकादमियों के सिर्फ मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों में 80 प्रतिशत मध्यप्रदेश के तथा 20 प्रतिशत शेष भारत के अभ्यर्थियों के लिये चयन होगा। चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी www.dsywmp.gov.in पर अथवा हेल्पलाइन नम्बर 9111883421, 7389257670 पर (11 बजे से 6 बजे तक) प्राप्त की जा सकती है। चयनित खिलाड़ियों को अकादमी में उच्च-स्तरीय खेल प्रशिक्षण, नि:शुल्क आवास, भोजन, चिकित्सा तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय-स्तर पर एक्सपोजर मिलेगा।  

ब्रिज कोर्स से कक्षा 8 के विद्यार्थियों की क्षमता का लगाया गया पता

ब्रिज कोर्स से कक्षा 8 के विद्यार्थियों की क्षमता का लगाया गया पता 
9 और 10 अप्रैल को प्रदेश भर में करवाया गया प्री-टेस्ट 
अनुपपुर | 12-अप्रैल-2018
 
 
   प्रदेश में कक्षा 8 में उत्तीर्ण हुए सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों की पठ्न क्षमता का पता करने के लिये 9 और 10 अप्रैल को करीब 8 हजार 600 से अधिक सरकारी माध्यमिक शालाओं के बच्चों का  प्री-टेस्ट करवा लिया गया है। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये थे।
   विद्यार्थियों का प्री-टेस्ट 3 स्तरों पर कराया गया है। प्रथम स्तर कक्षा एक से 3 की दक्षता, द्वितीय स्तर पर कक्षा 4 से 5 और तृतीय स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक के स्तर की दक्षता का टेस्ट लिया गया है। टेस्ट के रिजल्ट को स्कूल शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में निर्देश दिये गये है कि कक्षा 9 में विद्यार्थियों को प्रवेश देने से पहले उनकी क्षमता का अनिवार्य रूप में आंकलन किया जाये।
   निर्देश के अनुसार सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 में दर्ज सभी विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स के माध्यम से पढ़ाई करवायी जायेगी। ब्रिज कोर्स में हिन्दी, गणित और अँग्रेजी विषय पर शिक्षकों को विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है।

विद्यार्थियों को गाँवों का अनुभव दिलाने शुरू होगा अनुभूति कार्यक्रम

विद्यार्थियों को गाँवों का अनुभव दिलाने शुरू होगा अनुभूति कार्यक्रम 
अनुभूति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान 
अनुपपुर | 12-अप्रैल-2018
 
 
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार अनुभूति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को गाँव ले जाया जायेगा। गाँव में आज भी मिलजुलकर जीने की कला और सहयोगी जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान गत दिवस मुख्यमंत्री निवास पर अनुभूति संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गाँवों में रहकर आने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया।
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव का जीवन अद्भुत है। गाँव में सब एक परिवार के जैसे मिलकर रहते हैं। भारतीय परम्परा और संस्कृति गाँवों में मिलती है। गाँवों में आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जायें, पर गाँव के मूल प्राण सहज और सरल जीवन समाप्त नहीं होना चाहिये। बेटी के विवाह में पूरा गाँव व्यवस्थाओं में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में प्रदेश के गाँवों में सड़क सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। प्रदेश के 95 प्रतिशत गाँव पक्की सड़कों से जुड़ गये हैं। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश के सारे गाँव पक्की सड़कों से जुड़ जायेंगे। गाँव में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गाँव में छोटे रोजगार बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की मदद से गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।
   श्री चौहान ने इस मौके पर अनुभूति कार्यक्रम के फोल्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया।
   विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक श्री सचिन दवे ने अनुभूति प्रकल्प की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने 15 से 18 मार्च तक गाँव में प्रवास किया। गाँव के परिवेश से रू-ब-रू हुये। संस्कृति की संवेदनाओं से साक्षात्कार किया। निस्वार्थ, आत्मीय, सरल और संतोषी ग्रामीण जीवन दर्शन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
   कार्यक्रम में पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक और मानविकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने गाँव दर्शन के अनुभवों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति की आत्मीय सामुदायिकता, परमार्थ और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली के अनुभवों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी श्री दीपक पालीवाल, डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, श्री बंटी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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