Monday, April 30, 2018

देश की समृद्धि में शहरों के विकास की महत्वपूर्ण भूमिका - राष्ट्रपति श्री कोविंद

देश की समृद्धि में शहरों के विकास की महत्वपूर्ण भूमिका - राष्ट्रपति श्री कोविंद 
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कुपोषण और टी.बी. को खत्म करने का किया आव्हान, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पानी की बचत और जल-संवर्धन के कामों पर ध्यान देने को कहा, 282 करोड़ रूपए से बनेगा गुना मिनी स्मार्ट सिटी 
अनुपपुर | 30-अप्रैल-2018
 
   
    राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा है कि भारत की समृद्धि में शहरों की अर्थ-व्यवस्था का महत्वूपर्ण स्थान है। शहरों के सुनियोजित विकास के लिए भारत सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना शुरू की गई है। इसमें 100 शहरों को स्मार्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी परियोजना को और मजबूती से लागू करने के लिए प्रदेश में मिनी स्मार्ट सिटी विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने यह बात आज गुना शहर को मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल करने के कार्यक्रम में कही।
    राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य संस्कृति, शौर्य और संगीत में समृद्ध राज्य है। इस राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। खेती-किसानी के क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के लिए राज्य को लगातार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हो रहा है।
म.प्र. से आत्मीय लगाव
    राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यटन विकास के क्षेत्र में भी बेहतर काम के लिए मध्यप्रदेश सरकार को केन्द्र सरकार की ओर से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से उनका आत्मीय लगाव रहा है। प्रदेश में लगभग सभी जिलों में उनका भ्रमण हुआ है। गुना में उनके बड़े भाई निवास कर रहे हैं। श्री कोविंद ने कहा कि प्रदेश में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जन्म-स्थली है। ग्वालियर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली है। इसके साथ ही गुना स्व.राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि भी है।
    राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में प्रदेश के 7 शहर शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में 12 मिनी स्मार्ट सिटी बनाने का भी निर्णय लिया है, जिसमें गुना शहर शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए शहर के निवासियों को भी अपने व्यवहार में परिवर्तन करते हुए शहर विकास में भागीदार बनना जरूरी है।
    राज्यपाल श्रीमती पटेल ने नागरिकों से आग्रह किया कि स्मार्ट सिटी बनाने के साथ कुपोषण और टी.बी. जैसी गंभीर बीमारी को समूल रूप से खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सभी जन-प्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक यह संकल्प लें कि कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा। इसके लिए कुपोषित बच्चों को गोद लेने का काम भी किया जाए। टी.बी. को खत्म करने के लिये समन्वित प्रयास किए जाए।
राष्ट्रपति भवन में शहरवासियों को किया आमंत्रित
    राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि राष्ट्रपति भवन राष्ट्र की धरोहर है। शहर का कोई भी नागरिक दिल्ली आये, तो राष्ट्र की धरोहर राष्ट्रपति भवन को देखें। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को राष्ट्र की धरोहर देखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने अपनी ओर से सभी को आमंत्रित किया।

किसानों को उपार्जन केन्द्रों में कोई समस्या न हो

किसानों को उपार्जन केन्द्रों में कोई समस्या न हो 
खरगोन जिला योजना समिति की बैठक में मंत्री कुँवर शाह ने दिये निर्देश 
अनुपपुर | 30-अप्रैल-2018
   
   स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर अपनी फसल बेचने के समय किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये। यह निर्देश प्रभारी मंत्री कुँवर विजय शाह ने शनिवार को खरगोन में जिला योजना समिति की बैठक में दिये। बैठक में गर्मी के समय पेयजल व्यवस्था, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना समेत अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में विधायक श्री राजकुमार मेव भी मौजूद थे।
   प्रभारी मंत्री श्री शाह ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना और किसान समृद्धि योजना में किन्ही कारणों से किसानों को अब तक राशि का भुगतान नहीं हो पाया है, उन किसानों को तीन दिनों के भीतर लंबित राशि का भुगतान किया जाये। बैठक में पीएचई के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जिले में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के लिए 40 पंपों की डीपीआर तैयार हो रही है। जिन गाँवों या बस्तियों में बिजली नहीं है, वहाँ सौर ऊर्जा से पंप चलाकर पेयजल प्रदान किया जाएगा। उन्होंने जिले के पहुँचविहीन गाँवों में परिवहन कर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। बैठक में सेल्दा पॉवर प्लांट पर चर्चा की गई। बताया गया कि सेल्दा पॉवर प्लांट से 1320 मेगावॉट बिजली तैयार होगी। यह प्लांट 1060 एकड़ भूमि पर बना है। प्लांट में तैयार होने वाली बिजली 50 प्रतिशत मध्यप्रदेश को और शेष पड़ोसी राज्यों को आपूर्ति की जायेगी।
   स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमंत बाजीराव पेशवा की 278वीं पुण्य-तिथि पर उनकी समाधि स्थल रावेर खेड़ी पहुँचे। उन्होंने वहाँ श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाजीराव पेशवा ने जिस अदम्य साहस और पराक्रम से मुगल शासकों से लोहा लिया, उससे इतिहास गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने बाजीराव पेशवा की बहादुरी से युवा पीढ़ी को अवगत कराने की भी बात कही।

प्रदेश के तीन सौ सरकारी विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा

प्रदेश के तीन सौ सरकारी विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा 
व्यवसायिक शिक्षा का 63 हजार विद्यार्थियों को मिल रहा है फायदा 
अनुपपुर | 30-अप्रैल-2018
 
   
    प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास के लिये केन्द्र सरकार की मदद से व्यवसायिक शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना में प्रारम्भ में स्कूल शिक्षा विभाग ने 50 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में दो ट्रेड शुरू किये थे। इसके बाद 263 विकासखण्ड स्तरीय विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा का विस्तार किया गया है। अब इन विद्यालयों में 8 ट्रेड में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है। इस वक्त करीब 63 हजार विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है। यह व्यवसायिक शिक्षा ब्यूटी एण्ड वेलनेस, बैंकिंग एण्ड फायनेंस सर्विसेस, इलेक्ट्रिकल्स टेक्नोलॉजी, हैल्थ केयर, आई.टी, आई.टी.ईएस, फिजिकल एजुकेशन एण्ड स्पोर्टस, रीटेल ट्रेवल एण्ड टूरिज्म ट्रेड में दी जा रही है।
    अंग्रेजी भाषा के कौशल में सुधार के लिये ब्रिटिश काउंसिल का प्रोजेक्ट- ब्रिटिश काउंसिल एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है, जो शिक्षण गतिविधियों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर कार्य कर रही है। ब्रिटिश काउंसिल देश में लगभग 50 वर्ष से अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहायता प्रदान कर रही है। संस्था के विश्वव्यापी अनुभव को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं सीखने के लिए ब्रिटिश काउंसिल का चयन किया गया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 से 2022 तक कार्य करेगा। प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों का अंग्रेजी भाषा शिक्षण के साथ संप्रेक्षण कौशल (कम्यूनिकेशन स्किल) बढ़ाने पर जोर दिया जायेगा। साथ ही बच्चों को अंग्रेजी भाषा सीखने एवं अंग्रेजी भाषा में बोल चाल पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी भाषा सीखने की नई-नई विधियों के माध्यम से सरलता से अंग्रेजी भाषा सिखाने के कार्यक्रम किये जायेंगें। कक्षा 9 से 12 तक अंग्रेजी भाषा पढ़ाने वाले शिक्षकों को छात्र केन्द्रित तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर शिक्षकों की संप्रेक्षण कौशल, निरंतर व्यावसायिक विकास (कन्टीन्यूईंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट) के पाठ्यक्रम में सहभागिता करना सुनिश्चित कर रहा हैं। इससे शिक्षकों और छात्रों में अंग्रेजी भाषा के कौशल, ज्ञान एवं कक्षाओं में अंग्रेजी शिक्षण की नवीन तकनीक में विकास हो सकेगा।

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