Tuesday, April 17, 2018

नेशनल लोक अदालत 22 अप्रैल को

नेशनल लोक अदालत 22 अप्रैल को 
 
अनुपपुर | 17-अप्रैल-2018
 
   
    जिला विधिक प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार 14 अप्रैल 2018 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती होने के कारण आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तिथि परिवर्तित की गई है। अब 22 अप्रैल 2018 को लोक अदालत आयोजित की जायेगी। नेशनल लोक अदालत मे न्यायिक प्रकरण अपराधिक, सिविल, श्रम, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय के लंबित/प्रीलिटिगेशन के समझौता योग्य प्रीलिटिगेशन के रूप सभी बैकों के प्रकरण, नगर पालिका समेकित एवं जलकर एवं विद्युत प्रकरणों का निराकरण भी किया जावेगा। इस नेशनल लोक अदालत में विद्युत विभाग एव नगर पालिका के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों पर म.प्र. शासन द्वारा छूट प्रदान की जावेगी।
    जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं एवं जन मानस से अपील की है कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा प्रकरण आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निपटारा कराये एवं नेशनल लोक अदालत का फायदा उठाये। 

21 अप्रैल को अनूपपुर में आयोजित होगा वृहद चिकित्सा शिविर

21 अप्रैल को अनूपपुर में आयोजित होगा वृहद चिकित्सा शिविर 
 
अनुपपुर | 17-अप्रैल-2018
 
   
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि स्वसहायता भवन अनूपपुर में 21 अप्रैल को वृहद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में अनूपपुर जिले के समस्त नागरिक आकार अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का परीक्षण एवं निदान करा सकते हैं। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि शिविर के अंतर्गत डायबिटीज, सुगर, ब्लडप्रैशर, थायराइड एवं कैंसर आदि बीमारियों की जांच की जाएगी। आपने यह भी कहा कि शिविर के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा मान्यता प्राप्त जबलपुर, नागपुर, बिलासपुर, रायपुर के चिकित्सक भी उपलब्ध होंगे। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले एवं कर्मकार मण्डल के सदस्यों का वहीं प्रकरण बनाकर राज्य बीमारी सहायता निधि से निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सा शिविर मे पंजीयन का कार्य 21 अप्रैल को प्रातः 9 बजे से प्रारम्भ होगा। पंजीयन उपरांत सभी आवेदको के ब्लड प्रेशर की निःशुल्क जांच भी की जाएगी। आपने जिले के समस्त निवासियों को चिकित्सा शिविर का लाभ लेने की अपील की है।

बाल विवाह अपराध, सेवा प्रदाता भी हैं सजा के भागीदार - कलेक्टर श्री अजय शर्मा

बाल विवाह अपराध, सेवा प्रदाता भी हैं सजा के भागीदार - कलेक्टर श्री अजय शर्मा 
 
अनुपपुर | 17-अप्रैल-2018
 
   
    18 अप्रैल को अक्षय तृतीया एवं उस दिन बहुतायत मे होने वाले विवाहों का संज्ञान लेते हुए, तहसीलदारों एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को आवश्यक निगरानी के निर्देश दिए हैं। आपने कहा कि बाल विवाह रोकना एवं इसे हतोत्साहित करना हर समझदार और कानूनप्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है, इसलिये यह अवश्य सोचें कि कहीं आप 18 वर्ष से कम उम्र की लाडली बिटिया का विवाह करके उसकी जिंदगी अनजाने जोखिम में डालने तो नहीं जा रहे हैं। आपने अक्षय तृतीया एवं विशेष तिथियों मे जिले के सामूहिक विवाह कराने वाले आयोजकों, सभी धर्मगुरू, समाज के मुखिया, हलवाई, केटरर, बैंडवाला, घोड़ीवाला, ट्रांसपोर्ट, प्रिंटिंग प्रेस के प्रबंधक, ब्यूटी पार्लर, संचालक मंगल भवन और अन्य संबंधितों से कहा है कि वे किसी विवाह या समारोह में शामिल होने से पहले यह अवश्य देख लें कि कहीं वो बाल विवाह तो नहीं है। यदि बाल विवाह हो तो इसे रोकने में शासन का सहयोग करें।

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