Tuesday, April 10, 2018

कौशल विकास कार्यक्रम अन्तर्गत युवाओं को स्वराजेगार के लिये निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर

कौशल विकास कार्यक्रम अन्तर्गत युवाओं को स्वराजेगार के लिये निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर 

अनुपपुर | 10-अप्रैल-2018
 
   उपसंचाक प्रबंधक खाद्यग्रामोद्योग जिला पंचायत अनूपपुर ने मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम अन्तर्गत जिले के बेरोजगार युवक/ युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। जिला पंचायत खादी ग्रामोद्योग द्वारा जानकारी दी गई है कि बोर्ड द्वारा विभिन्न रोजगारोन्मुखी व्यवसायों जैसे फेशन डिजाइनिंग, रेडिमेड गारमेन्ट मेकिंग, लेदर गुड्स, बेकरी/ फूड प्रोसेसिंग, कम्प्यूटर रिपेयरिंग/ हार्डवेयर, डाटा एंट्री/ टेली, घरेलू उपकरण मरम्मत, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, सौलर संयंत्र स्थापना एवं मरम्मत, फूउ प्रोसेसिंग, दोना पत्तल, ट्रेक्टर मैकेनिक, टू-व्हीलर मरम्मत,फोर व्हीलर मेकेनिक/ ड्रायविंग, मोटर बाइंडिंग कारपेंटरी, रिटेल सेल्समेन आदि में प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु इच्छुक जनों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। योजना से संबंधित विस्तृत विवरण एवं आवेदन पत्र वेबसाईट www.mpgramodyogglobal.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदक अपने आवेदन जिला पंचायत कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा ई-मेल mpkvibskill@gmail.com पर भी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2018 तक प्रस्तुत कर सकते है। योजनान्तर्गत आवेदकों को नियमानुसार छात्रवृति भी  प्रदान की जायेगी।    

जिले में अबतक 243540 आवेदन हो चुकें हैं प्राप्त

जिले में अबतक 243540 आवेदन हो चुकें हैं प्राप्त 
 
अनुपपुर | 10-अप्रैल-2018
 
   राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ प्रदान करने के लिये अभियान चलाकर पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन करने का उद्देश्य ऐसे श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है, जो योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं। कलेक्टर श्री अजय शर्मा ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक आवश्यक रूप से पंजीयन करायें। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन का कार्य ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में चल रहा है। पंजीयन के लिए आवेदन प्राप्त कर उसे पूर्ण रूप से भरकर जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिव तथा वार्ड प्रभारी से सम्पर्क कर आवेदन पत्र प्राप्त कर आवष्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पंजीयन ऑनलाईन जारी किया जाएगा तथा संबंधित के मोबाईल पर मैसेज या वाइस कॉल के माध्यम से पंजीयन की सूचना मिलेगी। वर्तमान में अबतक जिले में 243540 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं,
   कलेक्टर श्री अजय शर्मा ने क्षेत्र के सभी असंगठित श्रमिकों से अधिक से अधिक पंजीयन कराने का आग्रह किया है, उन्होंने कहा कि सभी असंगठित श्रमिक पंजीयन कराकर शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।

"सफलता की कहानी" आगे बढ़ने की ललक ही जीवन है

"सफलता की कहानी" आगे बढ़ने की ललक ही जीवन है  
अनूपपुर की सुरतन बाई हैं इसका उदाहरण 
अनुपपुर | 10-अप्रैल-2018
 
  
  कुछ सीखने की उम्र नहीं होती है। आगे बढ़ने की ललक ही जीवन है। अच्छा करने की चाह ही मनुष्य को अन्य प्राणियों से अलग करती है। अनूपपुर जिले के विकासखंड जैतहरी के ग्राम छातापटपर की रहने वाली सुरतन बाई की उम्र से उनके जज्बे का आकलन नहीं किया जा सकता है। सामान्य कद काठी की ये महिला उम्र के इस पड़ाव में भी विकासपरक सोच रखती है। इनमे आगे बढ़ने की आत्मनिर्भर होने की चाह थी। इस चाह को सहारा मिला जिला प्रशासन के सहयोग एवं कलेक्टर श्री अजय शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे मुर्गीपालन व्यवसाय के संवर्धन के प्रयास से। अनूपपुर मे जिला प्रशासन द्वारा यहां के निवासियों की आजीविका के संवर्धन के कई प्रयास किए जा रहे हैं उन्ही में से एक है मुर्गीपालन द्वारा आय का संवर्धन। इस अभियान के अंतर्गत मैकल वुमन पौल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी जो कि ग्रामीण, अर्ध-साक्षर महिलाओ को प्रौद्योगिकी केंद्रित पोल्ट्री उद्योग का एक हिस्सा बनाने के लिए कार्य कर रही है, द्वारा तकनीकि एवं मार्केटिंग में सहयोग दिया जा रहा है। सुरतन बाई ने प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभिनव प्रयास में विकास की संभावनाओं को जल्द ही भाँप लिया। एवं स्व्सहायता समूह से जुड़कर आपने भी इस व्यवसाय से आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ाना प्रारम्भ किया। लेयर मुर्गीपालन से जुड़ी हुई सभी बारीकियों को सीखा और पूरी लगन से इस व्यवसाय मे जुड़ गयी। ब्रायलर मुर्गी पालन शेड का निर्माण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के तहत किया गया है। शुरूआती दौर में चूजे दाना, दवाई के कार्यशील पूंजी की व्यवस्था वाटर शेड परियोजना के माध्यम से की हूं। छोटे पोल्ट्री प्रोड्यूसरों ने अब मुर्गी पालन व्यवसाय को समृद्ध करने के लिये मैकल वुमेन पोल्ट्री प्रोड्यूसर कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड का गठन कर इस कम्पनी से समृद्ध एवं संगठित होकर व्यवसाय को बढ़ाने के लिये सतत् क्रियाशील है। मैकल वुमेन पोल्ट्री प्रोड्यूसर कम्पनी प्रायवेट लिमिटेट के द्वारा डे ओल्ड चिक्स सोधे मुर्गी पालक के शेड तक पहुंचने का कार्य किया जा रहा हैं। मुर्गी पालन के कार्य के लिये चिकित्सीय सुविधा कराने उपलब्ध कराने हेतु गांवों में मुर्गी पालन कर रहे महिलाओं के परिवार के ही युवकों को सुपरवाइजर के रूप  में प्रशिक्षित कर कार्य में लगाया गया है। इनके द्वारा दाना दवाई बटवारा किया जाता हैं। मरे हुए चूजों का पोस्ट मार्टम कर बीमारी का पता लगा के दवाई दी जाती हैं। साथ ही उत्पादन का हिसाब किताब भी संधारित किया जाता है। सुपराईजरों की साप्ताहिक बैठक कर साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा के साथ ही मुर्गी पालन के बीमारियों के बारे में बताने के लिये बिटनरी डॉक्टर द्वारा जानकारी दी जाती है। ब्रायलर मुर्गे 21 दिनों में 1 किलोंग्राम बजन के तथा 35 दिनों के मुर्गे 2 किलोग्राम वनज के तैयार हो जाते है। आज सुरतन बाई को इस व्यवसाय से प्रति महीने 4 से 5 हजार की आय हो जाती है।

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